अपनी 'तमीज़','तहज़ीब' और 'सलीक... Poetry By preeti | Nojoto

अपनी 'तमीज़','तहज़ीब' और 'सलीके' में रहो प्रीति वरना वक़्त नहीं लगता यहां इश्क़ होने में।। Poetry By preeti | Nojoto

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