ये बिछड़ने का ग़म कैसा? तू म... Poetry By Ansh Sagar | Nojoto

ये बिछड़ने का ग़म कैसा? तू मुझ से जुदा तो नहीं। अगर है भी, तो क्या? तू ख़ुदा तो नहीं... ✍️ अंश सागर Poetry By Ansh Sagar | Nojoto

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