Tell A Story Day
Nojoto
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Tell A Story Day

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The aim of the Tell A Story Day day is to get participants telling, sharing and listening to each others stories.

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"आओ तुम्हें आज एक कहानी सुनाऊँ, अपने चाँद से आज तुम्हें मिलवाऊँ, हजारों में नहीं लाखों में एक है वो, यूँ तो बहुत बोलता है मगर दिल की बात बताने से जाने क्यों डरता है वो, आओ तुम्हें आज एक कहानी सुनाऊँ, अपने चाँद से आज तुम्हें मिल़वाऊँ।। "

आओ तुम्हें आज एक कहानी सुनाऊँ, 
अपने चाँद से आज तुम्हें मिलवाऊँ, 
हजारों में नहीं लाखों में एक है वो, 
यूँ तो बहुत बोलता है मगर दिल
 की बात बताने से जाने क्यों डरता है वो, 
आओ तुम्हें आज एक कहानी सुनाऊँ,  
अपने चाँद से आज तुम्हें मिल़वाऊँ।।

#story #Nojoto #Challenge #chaand #Love

86 Love

"मोहब्बत की कहानी कुछ नई कुछ पुरानी जो आपको सुनानी है वो है प्यार मेरा उसकी एक दीवानी है कुछ यूं समझ लो की वो है मेरा बाजीराव उसकी एक मस्तानी है रूठ कर पागल मैसेज फिर भी करता है REPLY क्यों नही कर रही बंदरिया ये हर बार मुझे याद दिलाता है बड़ी अनोखी सी है वो कहानी वो है चाँद मेरा उसकी मैं एक चांदनी है "

मोहब्बत की कहानी कुछ नई कुछ पुरानी 
 जो आपको सुनानी है 
वो है प्यार मेरा उसकी एक दीवानी है
कुछ यूं समझ लो की 
 वो है मेरा बाजीराव उसकी एक मस्तानी है
रूठ कर पागल मैसेज फिर भी करता है
REPLY क्यों नही कर रही बंदरिया 
ये हर बार मुझे याद दिलाता है
बड़ी अनोखी सी है वो कहानी 
 वो है चाँद मेरा उसकी मैं एक चांदनी है

#story

76 Love

"story जिंदगी ये नही जिंदगी तो वो थी जो हम जी चुके जब मम्मी सुबह डांट कर उठाती थी, खुद तैयार कर स्कूल छोड कर आती थी, लौकी-तौरी ना खाने पर खूब सुनाती थी फिर थोडी थोडी लगाकर खाले ऐसा कहकर खुद खिलाती थी, क्या दिन थे वो जब कल का कुछ पता ही नही था, हफ्ते महीने ये तो हम केवल कॉपीयो मे लिखा करते थे कहा फंस गये समझदारी के इस दलदल मे, आज यहां साल के 365 दिन भी कम और तब स्कूल के 6 दिन भी 365 से दिखा करते थे |"

story

जिंदगी ये नही जिंदगी तो वो थी जो हम जी चुके जब मम्मी सुबह डांट कर उठाती थी, खुद तैयार कर स्कूल छोड कर आती थी,
लौकी-तौरी ना खाने पर खूब सुनाती थी फिर थोडी थोडी लगाकर खाले ऐसा कहकर खुद खिलाती थी,
क्या दिन थे वो जब कल का कुछ पता ही नही था,
हफ्ते महीने ये तो हम केवल कॉपीयो मे लिखा करते थे कहा फंस गये समझदारी के इस दलदल मे, आज यहां साल के 365 दिन भी कम और तब स्कूल के 6 दिन भी 365 से दिखा करते थे |

#story #Nojoto
bite lamho ki yaad

73 Love

#FridayFeeling #story #Quote

66 Love

"टूटते तारे से कुछ माँगने की ख़्वाहिश कहा थी मेरी होंठों पर झूठी मुस्कान रखने की आदत कहा थी मेरी फिर से जिंदगी शुरू हुई उन पुराने दोस्तों के आने पे वरना उन दोस्तों को पुराना कहने की आदत कहा थी मेरी hr khani k kisse me dost tw jarur hote h "

टूटते तारे से कुछ माँगने की ख़्वाहिश कहा थी मेरी 
 होंठों पर झूठी मुस्कान रखने की आदत कहा थी मेरी 
फिर से जिंदगी शुरू हुई उन पुराने दोस्तों के आने पे
वरना 
उन दोस्तों को पुराना कहने की आदत कहा थी मेरी 


hr khani k kisse me dost tw jarur hote h

#story

66 Love