Search Results for: Nirmala Chhimwal

  • All
  • People
  • Stories
  • Tags

Stories that match your search ...

More Results

" सुन कविता.... तू बहुत बोलती है, मेरे दिल के सारे राज़ खोलती है, कभी खुली क़िताब बनकर , कभी आँखों के हाल बनकर,.....तो कभी मेरी ख़ामोशी की जुबां बनकर, ऐ कविता तू बहुत बोलती है... कभी उदासी की परतें खोलती है , कभी खुशियों का ढिंढोरा बजाती है,....तो कभी मेरे जज़बातों की राग सुनाती है, ऐ कविता .... तू बहुत बोलती है.... कभी चाँद तारों से सुंदरता सजाती है, कभी सुमन और सुगंध का संगम करवातीं है,....तो कभी नदियों और झीलों में प्रीत के गीत गुनगुनाती है ऐ कविता ... तू बहुत बोलती है ....पर बहुत मीठा बोलती है... Nirmala"


सुन कविता....
तू बहुत बोलती है,
मेरे दिल के सारे राज़ खोलती है,
कभी खुली क़िताब बनकर ,
कभी आँखों के हाल बनकर,.....तो
कभी मेरी ख़ामोशी की जुबां बनकर,
ऐ कविता 
तू बहुत बोलती है...
कभी उदासी की परतें खोलती है ,
कभी खुशियों का ढिंढोरा बजाती है,....तो
कभी मेरे जज़बातों की राग सुनाती है,
ऐ कविता ....
तू बहुत बोलती है....
कभी चाँद तारों से सुंदरता सजाती है,
कभी सुमन और सुगंध का संगम करवातीं है,....तो
कभी नदियों और झीलों में प्रीत के गीत गुनगुनाती है
ऐ कविता ...
तू बहुत बोलती है ....पर बहुत मीठा बोलती है... Nirmala

#Nojoto #kavishala #Sun #kavita #सुन_कविता
#ऐ_कविता_तू_बहुत_बोलती_है
सुन कविता....
तू बहुत बोलती है,
मेरे दिल के सारे राज़ खोलती है,
कभी खुल

9 Love

"एक तोहफ़ा दिया था उसे मेने कहा अनमोल है, पर तेरे लिए है.. उसने सम्भाल कर रख दिया बोली मेरे अपनों के काम आएगा........ मैने खुशियों की शुभकामनाएं लपेट कर दी थी, एक बहुत सुंदर से wraper में. कुछ आने वाले दिलकश लम्हों की खुशबूदार Basket भी दी थी सजाकर.. रख दी उसने उसे भी सहेज कर.. वक़्त की नदी में जिम्मेदारियों की कश्ती बन उस basket को भी बहा दिया... रंग बिरंगे सपनों और ख़्वाहिशों के मणियों की माला पिरोती थी,... बचपन से.. कहती थी जब सक्षम हो जाउंगी तब एक एक मोती गिराउंगी... उसकी जो छन्नन्नंन्नंन से आवाज़ गूंजेगी, पूरा आसमान दिन में भी जश्न मनाएगा ... उस माला के मनके भी जोड़ दिए उसने, अपनों की लड़ियों में, ऐसे हीं हर रोज़ ये होंठो पर मौन की मुस्कानों का हार पहन कर अपनों को हंसी के जेवर पहनाती है ये कोई और नही आपके ही घर की नारी है पर.... मुझे एक हीं बात नही सुहाती है.... ये नारी सास या ननद के किरदार का दुपट्टा ओढ़ , ये खुशियों वाली basket अनजाने में कहाँ छुपा देती है??!! Nirmala"

एक तोहफ़ा दिया था उसे
मेने कहा अनमोल है, 
पर तेरे लिए है..
उसने सम्भाल कर रख दिया
बोली मेरे अपनों के काम आएगा........
मैने खुशियों की शुभकामनाएं 
लपेट कर दी थी,
एक बहुत सुंदर से wraper में.
कुछ आने वाले दिलकश लम्हों की खुशबूदार Basket भी दी थी सजाकर..
रख दी उसने उसे भी सहेज कर..
वक़्त की नदी में 
जिम्मेदारियों की कश्ती बन
उस basket को भी बहा दिया...

रंग बिरंगे सपनों और 
ख़्वाहिशों के मणियों की 
माला पिरोती थी,...
बचपन से..
कहती थी जब सक्षम हो जाउंगी
तब एक एक मोती गिराउंगी... 
उसकी जो छन्नन्नंन्नंन से आवाज़ गूंजेगी, पूरा आसमान दिन में भी जश्न मनाएगा ...
उस माला के मनके भी जोड़ दिए 
उसने, अपनों की लड़ियों में,
ऐसे हीं हर रोज़ ये
होंठो पर 
मौन की मुस्कानों का हार 
पहन कर
अपनों को हंसी के जेवर पहनाती है
ये कोई और नही 
आपके ही घर की नारी है

 पर....
मुझे एक हीं बात नही सुहाती है....
ये नारी सास या ननद के किरदार का दुपट्टा ओढ़ ,
ये खुशियों वाली basket अनजाने में 
कहाँ छुपा देती है??!!
Nirmala

#Nojoto #kavishala #Poetry #Women'day #नारी
एक तोहफ़ा दिया था उसे
मेने कहा अनमोल है,
पर तेरे लिए है..
उसने सम्भाल कर रख दिया
बोली मेरे अपनों

21 Love

" कहानी घर घर की में, एक दुख रानी एक सुख रानी, दो बहने रहती है.. मोहल्ले के कुछ गिनती के घर छोड़ कर हर घर मे दुख रानी को ज्यादा importanceमिलती है.. सुख रानी फिर भी खुश रहती है.. सभी दुख रानी को गले लगाते, उसकी दुःख भारी बाते सुनते, सुख रानी सभी के लिए सुख भरे तोहफे लाती, ज़रा देर खेल कर , फिर से दुख भरे दिन याद करने लग जाते.. घर घर में यही किस्सा दोहराया जाता.. सुख रानी कई नए हिस्से लाती सुख के पर दुख रानी किस्से बुन देती दुःख के अकसर सुख रानी हार जाती, कहती जहां मेरी कद्र नही वहां मेरा निवास नही फिर वो घर छोड़ चली जाती.. दुख रानी का राज हो जाता पूरे घर पर.. और सभी घर वाले दुख रानी के साथ दुखी दुखी खेल खेलते.. जो कुछ घर थे जो सुख रानी को ही पसन्द करते, सुख रानी उनके लिए सुखों का महल खड़े कर देती और घर वाले सुखी सुखी महलों में रहते ..... यही घर घर की कहानी Nirmala की जुबानी"

 कहानी घर घर की में,
एक दुख रानी एक सुख रानी,
दो बहने रहती है..

मोहल्ले के कुछ गिनती के घर छोड़ कर
हर घर मे दुख रानी को ज्यादा importanceमिलती है..

सुख रानी फिर भी खुश रहती है..
सभी दुख रानी को गले लगाते,
उसकी दुःख भारी बाते सुनते,

सुख रानी सभी के लिए सुख भरे तोहफे लाती,
ज़रा देर खेल कर ,
फिर से दुख भरे दिन याद करने लग जाते..

घर घर में यही किस्सा दोहराया जाता..
सुख रानी कई नए हिस्से लाती सुख के
पर दुख रानी किस्से बुन देती दुःख के

अकसर सुख रानी हार जाती,
कहती जहां मेरी कद्र नही वहां मेरा निवास नही
फिर वो घर छोड़ चली जाती..

दुख रानी का राज हो जाता पूरे घर पर..
और सभी घर वाले दुख रानी के साथ दुखी दुखी खेल खेलते..

जो कुछ घर थे जो सुख रानी को ही पसन्द करते,
सुख रानी उनके लिए सुखों का महल खड़े कर देती
और घर वाले सुखी सुखी महलों में रहते .....

यही घर घर की कहानी
Nirmala की जुबानी

#Nojoto #kavishala #Poetry
कहानी घर घर की में,
एक दुख रानी एक सुख रानी,
दो बहने रहती है..

मोहल्ले के कुछ गिनती के घर छोड़ कर
हर घर मे दुख

5 Love

"आज कविता दिवस पर किसी ने पूछा ….. आपकी नजर में कविता क्या है?... मेरी भाषा में, कविता वो है जो,........ कवि के शब्दों की माला को खूबसूरती से , जज़बातों या कल्पनाओं के हीरे पन्ने से जड़ कर, दुल्हन की तरह सजा कर शाही बग्घी में बैठा कर कंठ की गली से होठों के रास्ते, उसकी जो सवारी निकलती है आपके सामने..... फिर.... जब आपके होंठ मुस्कान का जड़ाऊ जेवर पहनते हैं तब....आपकी आंखों में जो तारीफों की रश्मियाँ चमकती है ना... उसे कविता कहते है... Nirmala"

आज कविता दिवस पर
किसी ने पूछा …..
आपकी नजर में कविता क्या है?...

मेरी भाषा में,
 कविता वो है जो,........

कवि के
शब्दों की माला को खूबसूरती से ,
जज़बातों या कल्पनाओं 
के हीरे पन्ने से जड़ कर,
दुल्हन की तरह सजा कर 
शाही बग्घी में बैठा कर
कंठ की गली से 
होठों के रास्ते,  उसकी जो
सवारी निकलती है आपके सामने.....
फिर....
जब आपके होंठ
मुस्कान का जड़ाऊ जेवर पहनते हैं
तब....आपकी आंखों में 
जो तारीफों की रश्मियाँ चमकती है ना...
उसे कविता कहते है...
Nirmala

#Nojoto #kavishala #Poetry #कविता_दिवस
आज कविता दिवस पर
किसी ने पूछा …..
आपकी नजर में कविता क्या है?...

मेरी भाषा में,
कविता वो है जो,....

4 Love

Nirmala Jangid's Stories in 2018
#Throwback2018

Nirmala Jangid की कहानियाँ 2018 में
#लम्हें2018 #Nojoto2018

0 Love
39 Views