Search Results for: theshekharshukla

  • All
  • People
  • Stories
  • Tags

Stories that match your search ...

More Results

""क्या सुकूँ है इश्क़ में?" "मैंने फ़क़त बरबादियाँ देखी है," "तुम्हें क्या मालूम, मैंने फ़ना होते रूहानियत देखी है," "आह निकलती है, पर सुनता कोई नहीं, ऐसी दर्दभरी रात देखी है," "तुम कहती हो, मेरे बिन रह नहीं सकती" "मैंने तुम्हारी भूलने की बीमारी कितनी बार देखी है" "मत करो इस क़दर इश्क़ मुझसे, वक़्त है सम्हल जाओ, मैंने बदहवास होती आरजू देखी है" "कोई लौट कर नहीं आता, मैंने बिछड़ने की इंतेहा देखी है।" ©theshekharshukla"

"क्या सुकूँ है इश्क़ में?"
"मैंने फ़क़त बरबादियाँ देखी है,"
"तुम्हें क्या मालूम, मैंने फ़ना होते रूहानियत देखी है,"
"आह निकलती है, पर सुनता कोई नहीं, ऐसी दर्दभरी रात देखी है,"

"तुम कहती हो, मेरे बिन रह नहीं सकती"
"मैंने तुम्हारी भूलने की बीमारी कितनी बार देखी है"
"मत करो इस क़दर इश्क़ मुझसे, वक़्त है सम्हल जाओ,
 मैंने बदहवास होती आरजू देखी है"
"कोई लौट कर नहीं आता, मैंने बिछड़ने की इंतेहा देखी है।"
©theshekharshukla

"क्या सुकूँ है इश्क़ में?"
"मैंने फ़क़त बरबादियाँ देखी है,"
"तुम्हें क्या मालूम, मैंने फ़ना होते रूहानियत देखी है,"
"आह निकलती है, पर सुनता कोई

5 Love

प्रस्तुत हाइकु, अपने देश की एकता और सम्प्रभुता के बारे में है। विभाजनकारी शक्तियाँ और नीतियां अब हमें और प्रथक नहीं कर सकती, हम सब देशवाशियो

5 Love