तेरे होंठो को जब भी चूमता था उन सर्द रातों में ।
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तेरे होंठो को जब भी चूमता था उन सर्द रातों में । ग

तेरे होंठो को जब भी चूमता था उन सर्द रातों में । गज़ब सी आग दहकती थी तेरे अंदर सर्द रातों में ।। जलना चाहता था आग में बेपरवाह नासमझ बनकर । कम्बख़्त मुहब्बत हो गई उनसे उनके साथ पिघलकर ।। #gif love #nojoto #love #writer #writing #quote #erotica #इश्क़ #मुहब्बत. Also Read about .

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