मैं जब सुबह उठा और आँखे खोली,
सर पर हाथ फेरकर मम्म

मैं जब सुबह उठा और आँखे खोली, सर पर हाथ फेरकर मम्म

मैं जब सुबह उठा और आँखे खोली, सर पर हाथ फेरकर मम्मी प्यार से बोली, बाहर जाकर देख कितना खूबसूरत मौसम हो रहा है, दुनिया कब की उठ चुकी तू अभी तक सो रहा है, बाहर जाकर देखा तो बारिश गाना गा रही थी, उस भीगी हुई माटी से प्यारी सी महक आ रही थी, मैं बड़े गौर से उस संगीत को सुन रहा था, मन मेरा खुशी से झूम रहा था, वो टिप-टिप करती पानी की बूंदे, कैसे रह सके कोई आंखें मूंदे, बच्चे पानी में कागज की नाव चला रहे थे, उछल-उछल कर बारिश का मजा उठा रहे थे, मोर नाचते-नाचते अपने ही अंदाज में गा रहा था, क्या बच्चे क्या बूढ़े पूरा शहर पानी में नहा रहा था, ना जाने कितनी खुशियां लाई है, बहुत दिनों से इंतजार था, ना जाने कितने दिनों बाद ये आई है। #gif. Also Read about .

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