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2 years ago

कोई खामोश है इतना, बहाने भूल आया हूँ, 
किसी की इक तरन्नुम में तराने भूल आया हूँ, 
मेरी अब राह मत तकना कभी ऐ आसमां वालों, 
मैं इक चिड़िया की आँखों में उड़ाने भूल आया हूँ; 


#KumarVishwas #KVpoetry

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2 years ago

मैं तो झोंका हूँ हवा का उड़ा ले जाऊँगा 
जागती रहना तुझे तुझसे चुरा ले जाऊँगा 
हो के कदमों पे निछावर फूल ने बुत से कहा 
ख़ाक में मिल के भी मैं खुश्बू बचा ले जाऊँगा 
कौन सी शै मुझको पहुँचाएगी तेरे शहर तक 
ये पता तो तब चलेगा जब पता ले जाऊँगा 
कोशिशें मुझको मिटाने की भले हों कामयाब 
मिटते-मिटते भी मैं मिटने का मजा ले जाऊँगा 
शोहरतें जिनकी वजह से दोस्त दुश्मन हो गये 
सब यह रह जायेंगी मैं साथ क्या ले जाऊँगा 

#KumarVishwas #KVpoetry 

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2 years ago

एक मैं हूं यहाँ, एक तू है, 
सिर्फ साँसों की ही गुफ्तगू है; 
शाम के साज पर रोशनी,  
गीत गाते हुए आ रही है; 
तेरी जुल्फों से छनकर वो देखो,
चाँदनी नूर बरसा रही है;
वक्त यूं ही ठहर जाए हमदम,
दिल को इतनी सी इक आरजू है,
एक मैं हूं यहाँ एक तू है;
दूर धरती के कांधे पर देखो, 
आसमां झूमकर झुक गया है;
नर्म बाॅहों के घेरे के बाहर,
शोर दुनिया का चुप रुक गया है;
मेरे ख्वाबों में जो तैरती थी,
अप्सरा तू वही हूबहू है,
एक मैं हूं यहाँ एक तू है;
एक मैं हूं यहाँ, एक तू है,
सिर्फ साँसों की ही गुफ्तगू है;


#KumarVishwas #KVpoetry

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2 years ago

सब तमन्नाएँ हों पूरी, कोई ख्वाहिश भी रहे
चाहता वो है मुहब्बत में नुमाइश भी रहे

आसमाँ चूमे मेरे पँख तेरी रहमत से
और किसी पेड की डाली पर रिहाइश भी रहे

उसने सौंपा नही मुझे मेरे हिस्से का वजूद
उसकी कोशिश है की मुझसे मेरी रंजिश भी रहे

मुझको मालूम है मेरा है वो मै उसका हूँ
उसकी चाहत है की रस्मों की ये बंदिश भी रहे

मौसमों मे रहे ‘विश्वास’ के कुछ ऐसे रिश्ते
कुछ अदावत भी रहे थोडी नवाज़िश भी रहे

#KumarVishwas #KVpoetry

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2 years ago

यूँ हमारा हृदय तोड़ कर क्या मिला ,
यूँ अकेला हमें छोड़ कर क्या मिला ,
और भी तो कई रूप थे घात के ,
प्रीत का नाम यूँ ओढ़ कर क्या मिला ;
#KumarVishwas #KVpoetry

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