सिगरेट पिलेता हूं जब कबी तेरी याद आ जाती हैं। दो क | हिंदी शायरी

"सिगरेट पिलेता हूं जब कबी तेरी याद आ जाती हैं। दो कश भरते ही मुझे मेरी ओकात याद आ जाती हैं। #AD"

सिगरेट पिलेता हूं जब कबी तेरी याद आ जाती हैं।
दो कश भरते ही मुझे मेरी ओकात याद आ जाती हैं।
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सिगरेट पिलेता हूं जब कबी तेरी याद आ जाती हैं। दो कश भरते ही मुझे मेरी ओकात याद आ जाती हैं। #AD

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