#OpenPoetry अल्फ़ाज़ों के अल्फाज़ भी अपना दम तोड़ द | हिंदी Poem

"#OpenPoetry अल्फ़ाज़ों के अल्फाज़ भी अपना दम तोड़ देते हैं जब, दिमाग़ के अल्फाज़ दिल के अल्फ़ाज़ों को पीछे छोड़ देते हैं, बहुत बार होता है ऐसा जब दिमाग़ के अल्फाज़ हमारे दिल के अल्फ़ाज़ों पर भारी पड़ जाते हैं. बेहद मुश्किल हो जाता है तब जब हमें किन्ही दो में से किसी एक को चुनना पड़ता है, दिल डरता है कि अगर गलत को चुन के हमने सही को खो दिया तो, और दूसरे को रोता देख कर हमने उससे भी ज़्यादा रो दिया तो.. ! और कई बार तो ऐसा होता है कि सही गलत कुछ होता ही नहीं है. दोनों ही सही होते हैं, तब जंग शुरू होती हैं दिल और दिमाग़ के बीच, दिल कहता है वो चुनो जिसे आप खुश हो, दिमाग़ कहता है कि वो चुनो जिसे आप को फायदा हो, चाहे आप अंदर से खुश हो या न, फिर आती है निश्चय लेने की बारी, और उसका चुनाव आसान तो नहीं है, लेकिन कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है, वो मत चुनो जिस के साथ रहकर आप खुश रह पायो, चुनो वही जिसके बिना आप रह ही न पायो.... जिसके बिना आपकी आँख भर आये, और आप चाह कर भी दूसरे के साथ खुश न रह पायो... ! ©Palvi Chalana✍"

#OpenPoetry    अल्फ़ाज़ों के अल्फाज़ भी अपना दम तोड़ देते हैं जब, 
दिमाग़ के अल्फाज़ दिल के अल्फ़ाज़ों को पीछे छोड़ देते हैं, 
बहुत बार होता है ऐसा जब दिमाग़ के अल्फाज़ हमारे दिल के अल्फ़ाज़ों पर भारी पड़ जाते हैं. 
बेहद मुश्किल हो जाता है तब जब हमें किन्ही दो में से किसी एक को चुनना पड़ता है, 
दिल डरता है कि अगर गलत को चुन के हमने सही को खो दिया तो, 
और दूसरे को रोता देख कर हमने उससे भी ज़्यादा रो दिया तो.. !
और कई बार तो ऐसा होता है कि सही गलत कुछ होता ही नहीं है.
दोनों ही सही होते हैं, 
तब जंग शुरू होती हैं दिल और दिमाग़ के बीच, 
दिल कहता है वो चुनो जिसे आप खुश हो, 
दिमाग़ कहता है कि वो चुनो जिसे आप को फायदा हो, चाहे आप अंदर से खुश हो या न, 
फिर आती है निश्चय लेने की बारी, 
और उसका चुनाव आसान तो नहीं है, लेकिन कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है, 
वो मत चुनो जिस के साथ रहकर आप खुश रह पायो, 
चुनो वही जिसके बिना आप रह ही न पायो.... 
जिसके बिना आपकी आँख भर आये, 
और आप चाह कर भी दूसरे के साथ खुश न रह पायो... !
©Palvi Chalana✍

#OpenPoetry अल्फ़ाज़ों के अल्फाज़ भी अपना दम तोड़ देते हैं जब, दिमाग़ के अल्फाज़ दिल के अल्फ़ाज़ों को पीछे छोड़ देते हैं, बहुत बार होता है ऐसा जब दिमाग़ के अल्फाज़ हमारे दिल के अल्फ़ाज़ों पर भारी पड़ जाते हैं. बेहद मुश्किल हो जाता है तब जब हमें किन्ही दो में से किसी एक को चुनना पड़ता है, दिल डरता है कि अगर गलत को चुन के हमने सही को खो दिया तो, और दूसरे को रोता देख कर हमने उससे भी ज़्यादा रो दिया तो.. ! और कई बार तो ऐसा होता है कि सही गलत कुछ होता ही नहीं है. दोनों ही सही होते हैं, तब जंग शुरू होती हैं दिल और दिमाग़ के बीच, दिल कहता है वो चुनो जिसे आप खुश हो, दिमाग़ कहता है कि वो चुनो जिसे आप को फायदा हो, चाहे आप अंदर से खुश हो या न, फिर आती है निश्चय लेने की बारी, और उसका चुनाव आसान तो नहीं है, लेकिन कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है, वो मत चुनो जिस के साथ रहकर आप खुश रह पायो, चुनो वही जिसके बिना आप रह ही न पायो.... जिसके बिना आपकी आँख भर आये, और आप चाह कर भी दूसरे के साथ खुश न रह पायो... ! ©Palvi Chalana✍

#OpenPoetry ये Poem लिखी है मैंने जब हम किन्ही दो चीज़ों को लेकर confuse होते हैं कि किसे choose करे और किसे नहीं... उसका solution बताया हैं मैंने इसमें. poem बड़ी ज़रूर है but I hope कि आपको ये पढ़कर किसी भी confusion को solve करने में आसानी होगी. so plz read till end ☺🙏
#nojotohindi #nojotopoetry #nojotishayri #erotica #MyPoetry #Confusion #Solution

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