किस व्रत में है व्रती वीर यह, निद्रा का यों त्याग किये, राजभोग्य के योग्य विपिन में, बैठा आज विराग लिये। बना हुआ है प्रहरी जिसका, उस कुटीर में क्या धन...

किस व्रत में है व्रती वीर यह, निद्रा का यों त्याग किये, राजभोग्य के योग्य विपिन में, बैठा आज विराग लिये। बना हुआ है प्रहरी जिसका, उस कुटीर में क्या धन है, जिसकी रक्षा में रत इसका, तन है, मन है, जीवन है! पंचवटी मैथिलीशरण. and Also Read about Poetry Quotes, Quotes on Poetry, Quotes about Poetry, Shayari about Poetry, Poetry Shayari, Shayari on Poetry, Poetry about Poetry, Poetry Poetry, Poetry on Poetry, Poem about Poetry, Poetry Poem, Poem on Poetry, Stories about Poetry, Poetry Stories, Stories on Poetry, Poetry Jokes, Poetry Memes, Poetry Songs, Poetry Video, brijesh, brijesh Nojoto, Quotes, Shayari, Story, Poem, Jokes, Memes On Nojoto

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9 months ago
किस व्रत में है व्रती वीर यह, निद्रा का यों त्याग किये,
राजभोग्य के योग्य विपिन में, बैठा आज विराग लिये।
बना हुआ है प्रहरी जिसका, उस कुटीर में क्या धन है,
जिसकी रक्षा में रत इसका, तन है, मन है, जीवन है!

पंचवटी 
मैथिलीशरण
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Written By : brijesh

शहीदों की जमीं है जिसको हिंदुस्तान कहते हैं,ये बंजर होके भी बुजदिल कभी पैदा नही करती

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