"किस व्रत में है व्रती वीर यह, ..." Poetry By brijesh | Nojoto

किस व्रत में है व्रती वीर यह, निद्रा का यों त्याग किये, राजभोग्य के योग्य विपिन में, बैठा आज विराग लिये। बना हुआ है प्रहरी जिसका, उस कुटीर में क्या धन है, जिसकी रक्षा में रत इसका, तन है, मन है, जीवन है! पंचवटी मैथिलीशरण. Follow brijesh. Download Nojoto App to get real time updates about brijesh & be part of World's Largest Creative Community to share Hindi Writing, Hindi Poetry, Hindi Quotes, Hindi Shayari, Hindi Poem, Hindi Jokes, Hindi Comedy, Hindi Memes, Hindi Stories, Hindi Whatsapp Status, Hindi Good Morning Status, Hindi Good Night Status, Art, Painting, Hindi Songs, Hindi Singing and Photography. A Creative expression platform. Poetry By brijesh | Nojoto Poetry on Poetry. Poetry Poetry

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5 months ago
किस व्रत में है व्रती वीर यह, निद्रा का यों त्याग किये,
राजभोग्य के योग्य विपिन में, बैठा आज विराग लिये।
बना हुआ है प्रहरी जिसका, उस कुटीर में क्या धन है,
जिसकी रक्षा में रत इसका, तन है, मन है, जीवन है!

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Written By : brijesh

शहीदों की जमीं है जिसको हिंदुस्तान कहते हैं,ये बंजर होके भी बुजदिल कभी पैदा नही करती

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