चाव तो है मुझमें ढेर सारा खाने की। अपितु इतनी भी

"चाव तो है मुझमें ढेर सारा खाने की। अपितु इतनी भी नही। की किसी के हिस्से का खा जाऊ।"

चाव तो है मुझमें ढेर सारा खाने की।
 अपितु इतनी भी नही। की किसी के हिस्से का खा जाऊ।

चाव तो है मुझमें ढेर सारा खाने की। अपितु इतनी भी नही। की किसी के हिस्से का खा जाऊ।

#honest #Indian #HERO

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