लोग घने लंपट यहां,जता रहे अहसान। हाथ बढ़ा अपनत्व स

"लोग घने लंपट यहां,जता रहे अहसान। हाथ बढ़ा अपनत्व से,हर लेते पहचान।।"

लोग घने लंपट यहां,जता रहे अहसान।
हाथ बढ़ा अपनत्व से,हर लेते पहचान।।

लोग घने लंपट यहां,जता रहे अहसान। हाथ बढ़ा अपनत्व से,हर लेते पहचान।।

People who shared love close

More like this