किसी विशेष दिन अगर तुम सोचो मुझे स्पेशल महसूस कराने को, तो सुनो कोई महंगा तौफा नहीं बल्कि तुम खुद मिलने आना भले ही थोड़ी देर के लिए अगर न आ पाना तो भेज देना कोई प्यारा सा वॉइस नोट जो तुमने सहेजें अपने ह्र्दयतल में अपने एहसासों से लबरेज़,जो तुम्हारे दिल के ड्राफ्ट में कब से उथल पुथल मचाकर तुम्हें, मेरे साथ पहले सा सहज होने में कब से रुकावट बनकर अड़े हैं तुम्हारे कुछ भावपूर्ण शब्द। तुम सोचोगे बस इतना ही तो हाँ, बस इतना ही।। ©Richa किसी विशेष दिन अगर तुम सोचो मुझे स्पेशल महसूस कराने को, तो सुनो कोई महंगा तौफा नहीं बल्कि तुम खुद मिलने आना भले ही थोड़ी देर के लिए अगर न आ पाना तो भेज देना कोई प्यारा सा वॉइस नोट जो तुमने सहेजें अपने ह्र्दयतल में अपने एहसासों से लबरेज़,जो