कातिलाना आँखे है उनकी जो नजरे झुका कर भी घायल कर | हिंदी शायरी

"कातिलाना आँखे है उनकी जो नजरे झुका कर भी घायल कर देती है हमे वो पायलों की चन चन आज भी गुमनाम कर देती है हमे"

कातिलाना आँखे है उनकी
 जो नजरे झुका  कर भी घायल कर देती है हमे 
        वो पायलों की चन चन 
 आज भी गुमनाम कर देती है हमे

कातिलाना आँखे है उनकी जो नजरे झुका कर भी घायल कर देती है हमे वो पायलों की चन चन आज भी गुमनाम कर देती है हमे

People who shared love close

More like this