हमें आवाज़ देते हो,सुबह शाम देते हो हक़ीक़त की इस कसीस में,ख़्वाब थाम ...

हमें आवाज़ देते हो,सुबह शाम देते हो हक़ीक़त की इस कसीस में,ख़्वाब थाम देते हो मोहोब्बत से बड़ा भी नाम क्यों माना है तेरा तुम कहानी के इस किस्से को क्यों अंजाम देते हो।

Kavita Gautam Vallika Poet Kavita Chouhan 😍sehar-e-Deepmu😍 Rashima Sukh

People who shared love close

More like this