#NationalYouthDay सरहद के दायरे में रहकर देश की | हिंदी Quotes

"#NationalYouthDay सरहद के दायरे में रहकर देश की सुरक्षा संभव नहीं उसके लिए एयर स्ट्राइक करना ही पड़ता है जब हैवानियत बढ़ जाए धरा पर, तब कुरुक्षेत्र में उतरना ही पड़ता है प्रेम न्याय की परिपाटी पर, जिहादी मंसूबों को मरना ही पड़ता है ग़र मानवता का कत्ल हुआ, तो शिव तांडव करना ही पड़ता है ग़र सीमा लाँघे आतंकी, तो रक्तपात करना ही पड़ता है जब भेड़िए हो जाए खूंखार, तो सिंह को मैदान में उतरना ही पड़ता है केवल प्रहार ही काफी नहीं, उनका सर्वनाश करना ही पड़ता है गुलाब जैसे देश की रक्षा, जवानों को, कांटो के जैसा करना ही पड़ता है कश्मीर की माटी में, सुगंधित केसर को पनपना ही पड़ता है, शत्रु के लिए जवानों को, नागफनी बनना ही पड़ता है जब थम ना पाए ज्वाला तो गंगा को आगे बढ़ना ही पड़ता है सृष्टि के कल्याण के लिए लहरों की चिंगारी से लड़ना ही पड़ता है"

#NationalYouthDay   सरहद के दायरे में रहकर देश की सुरक्षा संभव नहीं
 उसके लिए एयर स्ट्राइक करना ही पड़ता है
 जब हैवानियत बढ़ जाए धरा पर,  तब कुरुक्षेत्र में उतरना ही पड़ता है
 प्रेम न्याय की परिपाटी पर,  जिहादी मंसूबों को मरना ही पड़ता है
 ग़र मानवता का कत्ल हुआ,  तो शिव तांडव करना ही पड़ता है
 ग़र सीमा लाँघे आतंकी, तो रक्तपात करना ही पड़ता है
 जब भेड़िए हो जाए खूंखार, तो सिंह को मैदान में उतरना ही पड़ता है
 केवल प्रहार ही काफी नहीं, उनका सर्वनाश करना ही पड़ता है
 गुलाब जैसे देश की रक्षा,  जवानों को, कांटो के जैसा करना ही पड़ता है
  कश्मीर की माटी में, सुगंधित केसर को पनपना ही पड़ता है, 
 शत्रु के लिए जवानों को, नागफनी बनना ही पड़ता है
 जब थम ना पाए ज्वाला तो गंगा को आगे बढ़ना ही पड़ता है
 सृष्टि के कल्याण के लिए लहरों की चिंगारी से लड़ना ही पड़ता है

#NationalYouthDay सरहद के दायरे में रहकर देश की सुरक्षा संभव नहीं उसके लिए एयर स्ट्राइक करना ही पड़ता है जब हैवानियत बढ़ जाए धरा पर, तब कुरुक्षेत्र में उतरना ही पड़ता है प्रेम न्याय की परिपाटी पर, जिहादी मंसूबों को मरना ही पड़ता है ग़र मानवता का कत्ल हुआ, तो शिव तांडव करना ही पड़ता है ग़र सीमा लाँघे आतंकी, तो रक्तपात करना ही पड़ता है जब भेड़िए हो जाए खूंखार, तो सिंह को मैदान में उतरना ही पड़ता है केवल प्रहार ही काफी नहीं, उनका सर्वनाश करना ही पड़ता है गुलाब जैसे देश की रक्षा, जवानों को, कांटो के जैसा करना ही पड़ता है कश्मीर की माटी में, सुगंधित केसर को पनपना ही पड़ता है, शत्रु के लिए जवानों को, नागफनी बनना ही पड़ता है जब थम ना पाए ज्वाला तो गंगा को आगे बढ़ना ही पड़ता है सृष्टि के कल्याण के लिए लहरों की चिंगारी से लड़ना ही पड़ता है

#National_Youth_Day #peace #Love #Quote #poem irslan khan Neeraj Bakle (neer✍🏻) Somendra Pratap Singh "गुमनाम" Poetry Stage

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