#Nojoto #Kavishala #Mulaakaat #Crush इक उम्मीद मुक्कमल मुलाकात की ...

#Nojoto #Kavishala #Mulaakaat #Crush
इक उम्मीद मुक्कमल मुलाकात की ...................................
मिल कर भी मुलाकात अधूरी रह गयी !
जैसे जिस्म से जान अधूरी रह गयी !!
ये अधूरी मुलाकात तड़पाती बहुत है !
रह गए कुछ अरमान दिल के दिल में !!
कि दिल के दबे अरमान सताते बहुत है !
एक हुक सी उठती है सीने में फिर ....
मिलन की याद तड़पाती बहुत है ...
तड़पता है दिल कि फिर पास आ जाए वो
...
लिपट जाऊ मै सीने से उसके कि....
चूम होंठों को मुझे अपना बना जाए वो...
खुदा करे ये मुलाक़ात यूँ ही चलता रहे....
ये मंजर ये आलम मोहब्बत का कभी खत्म न हो ....
कि जब भी वो आये करीब मेरे बहक जाऊँ मै अभी....
उसकी मोहब्बत की बरसात ख़ुदा कभी खत्म न हो .....
उसका मिलना मेरा मुस्कुराना उसका निगाहों से मुझे छु जाना....
छुपी निगाहों से मेरा उसे निगाह भर के देखना....
देख होंठों को उसके मेरा हौले से मुस्कुराना ......
उफ़ ये अधूरी मुलाक़ात तड़पाती बहुत है......
उसकी शरारतें उसका मुझे प्यार से छेड़ना ......
इशारों इशारों में वो मुझे चूम जाना.....
उफ़ ये अधूरी मुलाकात तड़पाती बहुत है.....
कितना हसीं था वो लॉन्ग ड्राइव पर जाना ......
कभी रखना हाँथ उसके कंधे पर कभी बालों को संभालना .....
फिर अधूरे राह से वापस लौट आना .....
उसका यूँ मुझे फ़िक्र जता कर सॉरी बोल जाना ....
उफ़ ये अधूरी मुलाकात तड़पाती बहुत है .....
साथ बिताने कुछ लम्हें हमारा कपल पार्क में आ जाना .....
खुदा कयामत हो मेरा मजनुओं को देख खिलखिला कर मुस्कुराना .....
फिर होले से उसकी बाँहों में बाहें डाल साथ चलते जाना .....
उफ़ ये अधूरी मुलाकात तड़पाती बहुत है .....
चाहत तो थी मेरी की भर लूँ उसको बाँहों में
अपने और जी भर के प्यार करूं .....
रुक गया दिल कुछ यादों का जो दरमियाँ आ जाना.....
रख कंधे पर सर उसके खुद को खो जाना चाहती थी मै.......
हाँ सायद उसकी गोद में सर रख कर घंटों सो जाना चाहती थी मै ......
उसकी भी यही ख्वाहिश यही तमन्ना थी.......
मुझे बाँहों में भरक धडकन बेकाबू हो जाए .......
फिर न होश न कोई दरमियाँ फासला हो ......
इश्क से इश्क मिले न कोई मसला हो
......
उफ़ ये अधूरी मुलाकात तड़पाती बहुत है......
सोया था जब वो मेरी गोद में सर रख कर
दिल कुछ यूँ तड़प रहा था मेरा......
कि चूमूं कभी माथे को कभी होठों को चूम लूँ मै ......
सहलाऊ उसके गलों को बालों में उंगलिया फेर लू मै.......
रह गयी दिल की बात दबी दिल में की कोई हसरत जुबा पर न आई ......
उफ़ ये अधूरी मुलाकात तड़पाती बहुत है.........
ये घंटों की मुलाकात अधूरी रह गयी .......
न वो गले से लगा न लब लब को छु पाए ..
....
न दिल की बात जुबा पर आई........
तड़पते दिल से दिल में ख्वाब लिए अधूरे हम जुदा हो गये कि ......
इक ही शहर में दो दिल अजनबी सा हो गये ......
मोहब्बत अधूरी रह गयी .........
बरसों को मुलाकात भी अधूरे सा रह गये .......
उफ़ ये अधूरी मुलाकत तड़पाते बहुत है .......
खुदा करे कि वो मंजर फिर से आ जाए ......
इस बार हसरत बन के बूंद बरस जाए .......
कि मिल जाये दिल से दिल रूह से रूह
.......
मिलन इश्क में इश्क का परवान चढ़ जाये............

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