कया था, वो जो तेरे मेरे दरमयाँ था, महक दोस्ती की

"कया था, वो जो तेरे मेरे दरमयाँ था, महक दोस्ती की या, मुहब्बत का पुरजोर नशा था ....."

कया था, वो जो तेरे मेरे दरमयाँ था, 

महक दोस्ती की या, 

मुहब्बत का पुरजोर नशा था .....

कया था, वो जो तेरे मेरे दरमयाँ था, महक दोस्ती की या, मुहब्बत का पुरजोर नशा था .....

तेरे मेरे दरमियां #myquote #Mypoem #मुहब्बत #नशा

People who shared love close

More like this