सुबह को आगे तो शाम को पीछे, रहे छुपते छुपाते खुद क | हिंदी Poem

"सुबह को आगे तो शाम को पीछे, रहे छुपते छुपाते खुद को खुद की परछाई से।। क्या था पाना, क्यूँ रह गए बस भागते, अब भी हैं अनजान वजूद की सच्चाई से।।। रजनीश "स्वच्छन्द""

सुबह को आगे तो शाम को पीछे, रहे छुपते छुपाते खुद को खुद की परछाई से।।
क्या था पाना, क्यूँ रह गए बस भागते, अब भी हैं अनजान वजूद की सच्चाई से।।।

रजनीश "स्वच्छन्द"

सुबह को आगे तो शाम को पीछे, रहे छुपते छुपाते खुद को खुद की परछाई से।। क्या था पाना, क्यूँ रह गए बस भागते, अब भी हैं अनजान वजूद की सच्चाई से।।। रजनीश "स्वच्छन्द"

वजूद की सच्चाई।।।।।।।#thought #shayri #Fun #Love #poem #Comedy #Meme #Nojoto #Nojotohumour #Nojotomeme #Nojotofun #kalakaksh #znmd #TST
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