ख़्वाब और ख़्याल है दो अलफाज जिससे अफसाने बनतें हैं | हिंदी कविता

"ख़्वाब और ख़्याल है दो अलफाज जिससे अफसाने बनतें हैं ख्वाब टूट जाते है जब तब हम बेहाल होते है फिर अश्क बहाते है जब ख्याल उनका आता है"

ख़्वाब और ख़्याल है दो अलफाज
जिससे अफसाने बनतें हैं

ख्वाब टूट जाते है
जब
तब हम बेहाल होते है 

फिर अश्क बहाते है
जब ख्याल उनका 
आता है

ख़्वाब और ख़्याल है दो अलफाज जिससे अफसाने बनतें हैं ख्वाब टूट जाते है जब तब हम बेहाल होते है फिर अश्क बहाते है जब ख्याल उनका आता है

# ख्वाब ख्याल मोहब्बत हकीकत है ये सब गम की कहानी
किस किसको कैसे बताएं, कहर जो ये हमपर गीरी

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