जाने कितनों पर भरोसा किया... पर मुझे धोखा मिला

जाने  कितनों पर  भरोसा किया... 
पर मुझे धोखा मिला था हर बार..!
 
दिल के साथ  टूट गया था मन...
मतलबी लग रहा था ये संसार..!
 
भरोसा फिर से जगा गई हो तुम... 
दस्तक देकर  इस  दिल के द्वार..!

तुमने जीना सिखाया है मुझे... 
देकर सनम समय और प्यार.!!

©Dhani Dahire
  #dhanidahire #Hindi
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