ख़यालातों के बदलने से भी निकलता है, नया दिन। सूरज | हिंदी Shayari

"ख़यालातों के बदलने से भी निकलता है, नया दिन। सूरज के चमकने से ही सवेरा नहीं होता......"

ख़यालातों के बदलने से भी निकलता है, नया दिन।

सूरज के चमकने से ही सवेरा नहीं होता......

ख़यालातों के बदलने से भी निकलता है, नया दिन। सूरज के चमकने से ही सवेरा नहीं होता......

#newdaystart

People who shared love close

More like this