तेरी ग़ज़लों में थी छुपी कहीं इक राहत मीठी-मीठी उन | हिंदी शायरी

"तेरी ग़ज़लों में थी छुपी कहीं इक राहत मीठी-मीठी उन बातों से अब कौन लुभायेगा मुझे मैं इश्क़ तो कर लूंगा अब भी कई मर्तबा भले दिल टूट जाने पर अब कौन दिलायेगा राहत मुझे "अब्दुल्लाह क़ुरैशी""

तेरी ग़ज़लों में थी छुपी कहीं इक राहत

मीठी-मीठी उन बातों से अब कौन लुभायेगा मुझे

मैं इश्क़ तो कर लूंगा अब भी कई मर्तबा भले

दिल टूट जाने पर अब कौन दिलायेगा राहत मुझे

"अब्दुल्लाह क़ुरैशी"

तेरी ग़ज़लों में थी छुपी कहीं इक राहत मीठी-मीठी उन बातों से अब कौन लुभायेगा मुझे मैं इश्क़ तो कर लूंगा अब भी कई मर्तबा भले दिल टूट जाने पर अब कौन दिलायेगा राहत मुझे "अब्दुल्लाह क़ुरैशी"

#RIPRahatIndauri #Nojoto #nojotonews #arzhai #rahatindori #RIP @Tarani Nayak(disha Indian). @Anshu writer @Vishal kumar "Vishal" Naushad Ahmad 'Nazar' @Mushtaq Ahmed

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