मेरे साथ बिताये हर एक दिन को याद रखना। हम दूर हो | English Poem

"मेरे साथ बिताये हर एक दिन को याद रखना। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥ जिसकी कीमत ना लगा सके कोई रब से वो फरयाद रखना। जब भी दुखी हो एक काॅल करके अपनी बात रखना, हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥ दिन गुजरेगें लोग भी बदलेगें.... और शायद अपने किस्से भी कहानियों में सवरेगें, मेरे साथ बिताये हर अच्छे बुरे पल को याद रखना। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना॥ कभी याद करते आखों से बरसात हो जाए, कहीं गम के साथ, तो कहीं तेरी मुस्कान हो जाए, सलामती की दुआ तो हर रोज करते हो! कभी अपनी दोस्ती के लिए भी अरदास करना। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥ कभी रूठना तो कभी उसे मनाना। पर दिल की सारी बात उसी को बताना, वो दोस्त हैं आखिर उससे क्या छुपाना? ऐ दोस्त तू अपनी दोस्ती भूल ना जाना॥ अनजाने भटक रहे थे हम कालिँज की गलियों में.., हमे रब ने ही तो मिलाया था। दोस्ती का मतलब भी तो दोस्त तूने हीं बताया था॥ वो PG/Hostel का कमरा वो तेरा ठिकाना, यही तो था अपनी यादों का आशियाना। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती सबको बताना॥ याद रखना जब हम फिजूल की बातो पे भी हसाँ करते थे। गम चाहे कितने भी हो पर मुस्कुराने का फर्ज अदा करते थे॥ जब दर्द में थी तब ना अपना, ना कोई पराया आया, तुम ही थे जिसने हर दर्द पर मरहम लगाया। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती भूल मत जाना ॥ मैं रहूं या ना रहूं, तू उदासी सें मिलो दूर निकल जाने की रसम याद रखना। खुश रहना जहां भी हो दोस्त! बस अपनी दोस्ती की कसम याद रखना ॥ Prachi tyagi...."

मेरे साथ बिताये हर एक दिन को याद रखना। 
हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥

जिसकी कीमत ना लगा सके कोई रब से वो फरयाद रखना। 
जब भी दुखी हो एक काॅल करके अपनी बात रखना, 
हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥

दिन गुजरेगें लोग भी बदलेगें.... 
और शायद अपने किस्से भी कहानियों में सवरेगें, 
मेरे साथ बिताये हर अच्छे बुरे पल को याद रखना। 
हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना॥

कभी याद करते आखों से बरसात हो जाए, 
कहीं गम के साथ, तो कहीं तेरी मुस्कान हो जाए, 
सलामती की दुआ तो हर रोज करते हो! 
कभी अपनी दोस्ती के लिए भी अरदास करना। 
हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥

कभी रूठना तो कभी उसे मनाना। 
पर दिल की सारी बात उसी को बताना, 
वो दोस्त हैं आखिर उससे क्या छुपाना? 
ऐ दोस्त तू अपनी दोस्ती भूल ना जाना॥

अनजाने भटक रहे थे हम कालिँज की गलियों में.., 
हमे रब ने ही तो मिलाया था। 
दोस्ती का मतलब भी तो दोस्त तूने हीं बताया था॥
वो PG/Hostel का कमरा वो तेरा ठिकाना, 
यही तो था अपनी यादों का आशियाना। 
हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती सबको बताना॥

याद रखना जब हम फिजूल की बातो पे भी हसाँ करते थे। 
गम चाहे कितने भी हो पर मुस्कुराने का फर्ज अदा करते थे॥
जब दर्द में थी तब ना अपना, ना कोई पराया आया, 
तुम ही थे जिसने हर दर्द पर मरहम लगाया। 
हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती भूल मत जाना ॥

मैं रहूं या ना रहूं, तू उदासी सें मिलो दूर निकल जाने की रसम याद रखना। 
खुश रहना जहां भी हो दोस्त! बस अपनी दोस्ती की कसम याद रखना ॥

Prachi tyagi....

मेरे साथ बिताये हर एक दिन को याद रखना। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥ जिसकी कीमत ना लगा सके कोई रब से वो फरयाद रखना। जब भी दुखी हो एक काॅल करके अपनी बात रखना, हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥ दिन गुजरेगें लोग भी बदलेगें.... और शायद अपने किस्से भी कहानियों में सवरेगें, मेरे साथ बिताये हर अच्छे बुरे पल को याद रखना। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना॥ कभी याद करते आखों से बरसात हो जाए, कहीं गम के साथ, तो कहीं तेरी मुस्कान हो जाए, सलामती की दुआ तो हर रोज करते हो! कभी अपनी दोस्ती के लिए भी अरदास करना। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती याद रखना ॥ कभी रूठना तो कभी उसे मनाना। पर दिल की सारी बात उसी को बताना, वो दोस्त हैं आखिर उससे क्या छुपाना? ऐ दोस्त तू अपनी दोस्ती भूल ना जाना॥ अनजाने भटक रहे थे हम कालिँज की गलियों में.., हमे रब ने ही तो मिलाया था। दोस्ती का मतलब भी तो दोस्त तूने हीं बताया था॥ वो PG/Hostel का कमरा वो तेरा ठिकाना, यही तो था अपनी यादों का आशियाना। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती सबको बताना॥ याद रखना जब हम फिजूल की बातो पे भी हसाँ करते थे। गम चाहे कितने भी हो पर मुस्कुराने का फर्ज अदा करते थे॥ जब दर्द में थी तब ना अपना, ना कोई पराया आया, तुम ही थे जिसने हर दर्द पर मरहम लगाया। हम दूर हो रहे हैं दोस्त! बस तू अपनी दोस्ती भूल मत जाना ॥ मैं रहूं या ना रहूं, तू उदासी सें मिलो दूर निकल जाने की रसम याद रखना। खुश रहना जहां भी हो दोस्त! बस अपनी दोस्ती की कसम याद रखना ॥ Prachi tyagi....

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