अल्फाज जब खाक होगा यह तन, तब श्मशान में कुछ चेहरे, रू-ब-रू होने जरुर आएंगे। मेरे दोस्त आए ना आए, लेकिन दुश्मन जरुर आएंगे। जिसे मुझे प्यार है, वह आए ना...

अल्फाज जब खाक होगा यह तन, तब श्मशान में कुछ चेहरे, रू-ब-रू होने जरुर आएंगे। मेरे दोस्त आए ना आए, लेकिन दुश्मन जरुर आएंगे। जिसे मुझे प्यार है, वह आए ना आए, लेकिन मेरे दर्द को, महसूस करने वाली, ऋतु जरूर आएगी। मेरी माँ आए ना आए, लेकिन काकी जरूर आएगी। झूठा प्यार करने वाले, आए ना आए लेकिन, स्नेह से सिंचित करने वाले, गुरु जरुर आएंगे। छोटी नदियां आए न आए, बड़े समंदर जरुर आएंगे। मुझे हंसाने वाले बाशिंदे आए, ना आएं मुझे रुलाने वाले, आलोचक जरुर आएंगे। -अजीत ललित. and Also Read about Poetry Quotes, Quotes on Poetry, Quotes about Poetry, Shayari about Poetry, Poetry Shayari, Shayari on Poetry, Poetry about Poetry, Poetry Poetry, Poetry on Poetry, Poem about Poetry, Poetry Poem, Poem on Poetry, Stories about Poetry, Poetry Stories, Stories on Poetry, Poetry Jokes, Poetry Memes, Poetry Songs, Poetry Video, Ajeet Lalit, Ajeet Lalit Nojoto, Shayari, Quotes, Story, Poem, Jokes, Memes On Nojoto

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9 months ago

अल्फाज

जब खाक होगा यह तन,
तब श्मशान में कुछ चेहरे,
रू-ब-रू होने जरुर आएंगे।

मेरे दोस्त आए ना आए,
लेकिन दुश्मन जरुर आएंगे।

जिसे मुझे प्यार है,
वह आए ना आए,
लेकिन मेरे दर्द को,
महसूस करने वाली,
ऋतु जरूर आएगी।

मेरी माँ आए ना आए,
लेकिन काकी जरूर आएगी।

झूठा प्यार करने वाले,
आए ना आए लेकिन,
स्नेह से सिंचित करने वाले,
गुरु जरुर आएंगे।

छोटी नदियां आए न आए,
बड़े समंदर जरुर आएंगे।

मुझे हंसाने वाले बाशिंदे आए,
ना आएं मुझे रुलाने वाले,
आलोचक जरुर आएंगे।

-अजीत ललित

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Written By : Ajeet Lalit

शांत जीवन सहज मृत्यु😶

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