"अल्फाज जब खाक होगा यह तन, तब..." Poetry By Ajeet Lalit | Nojoto

अल्फाज जब खाक होगा यह तन, तब श्मशान में कुछ चेहरे, रू-ब-रू होने जरुर आएंगे। मेरे दोस्त आए ना आए, लेकिन दुश्मन जरुर आएंगे। जिसे मुझे प्यार है, वह आए ना आए, लेकिन मेरे दर्द को, महसूस करने वाली, ऋतु जरूर आएगी। मेरी माँ आए ना आए, लेकिन काकी जरूर आएगी। झूठा प्यार करने वाले, आए ना आए लेकिन, स्नेह से सिंचित करने वाले, गुरु जरुर आएंगे। छोटी नदियां आए न आए, बड़े समंदर जरुर आएंगे। मुझे हंसाने वाले बाशिंदे आए, ना आएं मुझे रुलाने वाले, आलोचक जरुर आएंगे। -अजीत ललित. Follow Ajeet Lalit. Download Nojoto App to get real time updates about Ajeet Lalit & be part of World's Largest Creative Community to share Hindi Writing, Hindi Poetry, Hindi Quotes, Hindi Shayari, Hindi Poem, Hindi Jokes, Hindi Comedy, Hindi Memes, Hindi Stories, Hindi Whatsapp Status, Hindi Good Morning Status, Hindi Good Night Status, Art, Painting, Hindi Songs, Hindi Singing and Photography. A Creative expression platform. Poetry By Ajeet Lalit | Nojoto Poetry on Poetry. Poetry Poetry

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5 months ago

अल्फाज

जब खाक होगा यह तन,
तब श्मशान में कुछ चेहरे,
रू-ब-रू होने जरुर आएंगे।

मेरे दोस्त आए ना आए,
लेकिन दुश्मन जरुर आएंगे।

जिसे मुझे प्यार है,
वह आए ना आए,
लेकिन मेरे दर्द को,
महसूस करने वाली,
ऋतु जरूर आएगी।

मेरी माँ आए ना आए,
लेकिन काकी जरूर आएगी।

झूठा प्यार करने वाले,
आए ना आए लेकिन,
स्नेह से सिंचित करने वाले,
गुरु जरुर आएंगे।

छोटी नदियां आए न आए,
बड़े समंदर जरुर आएंगे।

मुझे हंसाने वाले बाशिंदे आए,
ना आएं मुझे रुलाने वाले,
आलोचक जरुर आएंगे।

-अजीत ललित

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Written By : Ajeet Lalit

शांत जीवन सहज मृत्यु😶

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