Unsplash तेरी तलाश में ए ज़िंदगी मैं फिर से निकलूंगा तेरी तलाश में ए ज़िंदगी, जहां दर्द न हो, बस राहत हो हर गली। ख़्वाब अधूरे न रहें, हर आस पूरी हो, दुआ है, इस बार इश्क़ की दूरी हो। न कोई कहानी हो जो अधूरी रह जाए, न कोई याद हो जो पलकों में समा जाए। सुकून की छांव हो, दर्द की जगह, खुशियों का कारवां हो हर ग़म की जगह। तेरी तलाश में दिल को भी समझाऊंगा, खुद को तन्हा रहकर ही आज़माऊंगा। बस दुआ यही है, हर राह सही हो, इस बार किसी से इश्क़ की भी कमी हो। तेरी तलाश में फिर बढ़ता जाऊंगा, अपने अश्कों को भी मुस्कान सिखाऊंगा। ए ज़िंदगी, मुझे बस ये ख़्वाहिश है, तेरा हर मोड़ अब मेरा साथी हो। ©Ashok Verma "Hamdard" #तेरी तलाश में ए जिंदगी