ज़िंदगी का खेल मुझसे खेला नही जाता, मुझसे अब रात की | मराठी Love &

"ज़िंदगी का खेल मुझसे खेला नही जाता, मुझसे अब रात की तन्हाई में जगा नहीं जाता ! ऐ मौत तू आना तो जरा चुपके से आना, मुझसे अब दर्द-ओ-ग़म सहा नहीं जाता ! जिसे भी सुनाऊं अपनी दास्तां वो हँसता है, मुझसे अब अपना ग़म अपनों से बांटा नहीं जाता ! 'ismail' से अब बात-बात पर रोया नहीं जाता, ऐ मौत तू आजा मुझसे अब जिया नहीं जाता ! © Ismail "

ज़िंदगी का खेल मुझसे खेला नही जाता, मुझसे अब रात की तन्हाई में जगा नहीं जाता ! ऐ मौत तू आना तो जरा चुपके से आना, मुझसे अब दर्द-ओ-ग़म सहा नहीं जाता ! जिसे भी सुनाऊं अपनी दास्तां वो हँसता है, मुझसे अब अपना ग़म अपनों से बांटा नहीं जाता ! 'ismail' से अब बात-बात पर रोया नहीं जाता, ऐ मौत तू आजा मुझसे अब जिया नहीं जाता ! © Ismail

ज़िंदगी का खेल मुझसे खेला नही जाता,
मुझसे अब रात की तन्हाई में जगा नहीं जाता !

ऐ मौत तू आना तो जरा चुपके से आना,
मुझसे अब दर्द-ओ-ग़म सहा नहीं जाता !

जिसे भी सुनाऊं अपनी दास्तां वो हँसता है,
मुझसे अब अपना ग़म अपनों से बांटा नहीं जाता !

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