चाय और चौपाल रह रहकर जेहन में इक हूक सी उठती है च | हिंदी शायरी

"चाय और चौपाल रह रहकर जेहन में इक हूक सी उठती है चाय की तलब सी हो गयी है तुम्हारी यादें ।😊😊"

चाय और चौपाल रह रहकर जेहन में इक हूक सी उठती है 
चाय की तलब सी हो गयी है तुम्हारी यादें ।😊😊

चाय और चौपाल रह रहकर जेहन में इक हूक सी उठती है चाय की तलब सी हो गयी है तुम्हारी यादें ।😊😊

#chay #nojoto #nojotohindi #subh2026

People who shared love close

More like this