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White सुन्दरकाण्ड का महत्व जब कोई व्यक्ति नकारात

White सुन्दरकाण्ड का महत्व 

जब कोई व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियों से प्रभावित होता है तो

उस व्यक्ति के आसपास के लोग मन, कर्म, वचन से जो भी बात सोचते है, कार्य करते है, या बात बोलते है।तन,मन, धन से सभी का उद्देश्य केवल उस व्यक्ति को नीचा दिखाना,जलाना या अपमानित करना होता है।अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियां होती है तो घर के सभी सदस्य आपस में एक दूसरे के साथ दुश्मन की तरह व्यवहार करते है और मन, कर्म, वचन से जो भी बात सोचते है, कार्य करते है, या बात बोलते है। सभी का उद्देश्य केवल आपस में एक दूसरे को नीचा दिखाना,जलाना या अपमानित करना होता है।ऐसे घर में कभी एकता, सुख, समृद्धि,शांति नहीं रहती है। बाहरी लोगों द्वारा घर में फूट डालने की कोशिश की जाती है। और सफल भी होते है। ऐसे घरों के बच्चे असंस्कारी और आक्रामक प्रवृति के होते है। व्यक्ति और घर के सदस्यों के मन में अजीब सा भय, शंका, तनाव, डर, चिंता बना रहता है। 

ऐसी नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन सुन्दरकाण्ड, भगवद्गीता और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए....

ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः

©Divyanjli Verma #Thinking सुन्दरकाण्ड का महत्व 

जब कोई व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियों से प्रभावित होता है तो

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ऐसी नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन सुन्दरकाण्ड, भगवद्गीता और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए....
White सुन्दरकाण्ड का महत्व 

जब कोई व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियों से प्रभावित होता है तो

उस व्यक्ति के आसपास के लोग मन, कर्म, वचन से जो भी बात सोचते है, कार्य करते है, या बात बोलते है।तन,मन, धन से सभी का उद्देश्य केवल उस व्यक्ति को नीचा दिखाना,जलाना या अपमानित करना होता है।अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियां होती है तो घर के सभी सदस्य आपस में एक दूसरे के साथ दुश्मन की तरह व्यवहार करते है और मन, कर्म, वचन से जो भी बात सोचते है, कार्य करते है, या बात बोलते है। सभी का उद्देश्य केवल आपस में एक दूसरे को नीचा दिखाना,जलाना या अपमानित करना होता है।ऐसे घर में कभी एकता, सुख, समृद्धि,शांति नहीं रहती है। बाहरी लोगों द्वारा घर में फूट डालने की कोशिश की जाती है। और सफल भी होते है। ऐसे घरों के बच्चे असंस्कारी और आक्रामक प्रवृति के होते है। व्यक्ति और घर के सदस्यों के मन में अजीब सा भय, शंका, तनाव, डर, चिंता बना रहता है। 

ऐसी नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन सुन्दरकाण्ड, भगवद्गीता और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए....

ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः

©Divyanjli Verma #Thinking सुन्दरकाण्ड का महत्व 

जब कोई व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियों से प्रभावित होता है तो

उस व्यक्ति के आसपास के लोग मन, कर्म, वचन से जो भी बात सोचते है, कार्य करते है, या बात बोलते है।तन,मन, धन से सभी का उद्देश्य केवल उस व्यक्ति को नीचा दिखाना,जलाना या अपमानित करना होता है।अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियां होती है तो घर के सभी सदस्य आपस में एक दूसरे के साथ दुश्मन की तरह व्यवहार करते है और मन, कर्म, वचन से जो भी बात सोचते है, कार्य करते है, या बात बोलते है। सभी का उद्देश्य केवल आपस में एक दूसरे को नीचा दिखाना,जलाना या अपमानित करना होता है।ऐसे घर में कभी एकता, सुख, समृद्धि,शांति नहीं रहती है। बाहरी लोगों द्वारा घर में फूट डालने की कोशिश की जाती है। और सफल भी होते है। ऐसे घरों के बच्चे असंस्कारी और आक्रामक प्रवृति के होते है। व्यक्ति और घर के सदस्यों के मन में अजीब सा भय, शंका, तनाव, डर, चिंता बना रहता है। 

ऐसी नकारात्मक ऊर्जा और आसुरी शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन सुन्दरकाण्ड, भगवद्गीता और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए....
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Divyanjli Verma

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