आज बारिश की बूँदो ने खिड़कियों पर दस्तक दी और कहा- | हिंदी शायरी

"आज बारिश की बूँदो ने खिड़कियों पर दस्तक दी और कहा- "फितूर उल्फ़त थी गमजदा मोहब्बत हमारी""

आज बारिश की बूँदो ने
खिड़कियों पर दस्तक दी और कहा-

"फितूर उल्फ़त थी गमजदा मोहब्बत हमारी"

आज बारिश की बूँदो ने खिड़कियों पर दस्तक दी और कहा- "फितूर उल्फ़त थी गमजदा मोहब्बत हमारी"

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