इश्क-ए-माशूक में लिख डाले हर्फ़ कई, वतन के हिस्से र | हिंदी Poem

"इश्क-ए-माशूक में लिख डाले हर्फ़ कई, वतन के हिस्से रुसवाई ही आयी।। बह गए ज़ज़्बातों संग हो मशरूफ खुदी में, कफ़न के हिस्से तन्हाई ही आयी।। रजनीश "स्वच्छन्द""

इश्क-ए-माशूक में लिख डाले हर्फ़ कई, वतन के हिस्से रुसवाई ही आयी।।
बह गए ज़ज़्बातों संग हो मशरूफ खुदी में, कफ़न के हिस्से तन्हाई ही आयी।।

रजनीश "स्वच्छन्द"

इश्क-ए-माशूक में लिख डाले हर्फ़ कई, वतन के हिस्से रुसवाई ही आयी।। बह गए ज़ज़्बातों संग हो मशरूफ खुदी में, कफ़न के हिस्से तन्हाई ही आयी।। रजनीश "स्वच्छन्द"

वतन के हिस्से रुसवाई ही आयी।। ।।।।#thought #shayri #Fun #Love #poem #Comedy #Meme #Nojoto #Nojotohumour #Nojotomeme #Nojotofun #kalakaksh #znmd #TST
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