गुमसुम सा बैठा था मैं जिन्दगी से कुछ आस लगाए हुए | हिंदी Quotes

"गुमसुम सा बैठा था मैं जिन्दगी से कुछ आस लगाए हुए नहीं लगता था कोई अपना सब लगता था एक सपना क्या पता था जिन्दगी ऐसी भी होती है क्या मैंने कुछ बुरा किया जो मुझे ये मिला ये कुसूर है कि मैं एक इंसान हूँ क्या गलती है मेरी मुझे नहीं पता बस अब नहीं जिया जाता नहीं जिया जाता बस नहीं जिया जाता इस देह मैं।"

गुमसुम सा बैठा था मैं 
जिन्दगी से कुछ आस लगाए हुए 
नहीं लगता था  कोई अपना 
 सब लगता था एक सपना 
क्या पता था 
जिन्दगी ऐसी भी होती है 
क्या मैंने कुछ बुरा किया 
जो मुझे ये मिला 
ये कुसूर है 
कि मैं एक इंसान  हूँ 
क्या गलती है मेरी 
मुझे नहीं पता 
बस अब नहीं जिया जाता 
नहीं जिया जाता 
बस नहीं जिया जाता
इस देह मैं।

गुमसुम सा बैठा था मैं जिन्दगी से कुछ आस लगाए हुए नहीं लगता था कोई अपना सब लगता था एक सपना क्या पता था जिन्दगी ऐसी भी होती है क्या मैंने कुछ बुरा किया जो मुझे ये मिला ये कुसूर है कि मैं एक इंसान हूँ क्या गलती है मेरी मुझे नहीं पता बस अब नहीं जिया जाता नहीं जिया जाता बस नहीं जिया जाता इस देह मैं।

#angry #sadness #Life

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