वो सजकर- धजकर बनकर "बंसत सी"नादा कही की,,,उसे कहाँ | हिंदी V

"वो सजकर- धजकर बनकर "बंसत सी"नादा कही की,,,उसे कहाँ मालुम था कि "सावन से पहले पतझड आता है"

वो सजकर- धजकर बनकर "बंसत सी"नादा कही की,,,उसे कहाँ मालुम था कि "सावन से पहले पतझड आता है

उसे कहाँ था मालुम ,,सावन से पहले पतझड आता है,,, ओम भक्त'मोहन कलम---मेवाड की

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