एक समय की बात हैं। कुछ मसखरे एक टटू ठेले में सूट बूट पहन कर कहि कार्यक्रम पेश करने को जा रहे थे। नही नही शायद कहि से आ रहे थे। तभी एक मसखरा जिसने शायद कुछ मदिरा पी हुई थी दूसरे मसखरे के पैर पर पैर रखते हुए उसे कोंचते हुए, हँसते मुस्कुराते हुए एक कुटिल मुस्कान बिखेरता हुआ आगे को खिसक जाता है। [ 889 more words ] http://vikrantrajliwal.com 🙃 व्यंग्य किस्सा "मसखरे" मेरे द्वारा लिखित एक हास्य व्यंग्य किस्सा है। जिसको आज अपने स्वयं के स्वरों के साथ प्रथम बार अपने YouTube चैनल के माध्यम द्वारा जीवंत रुप देने का प्रयास किया है। Click the link of my video and share & Subscribe my channel. Watch "मसखरे ( Maskhare ) व्यंग्य किस्सा ( comedy , satire , Stroy , nazm , Gazal )" on YouTube https://youtu.be/LSGHIitR1Bg ❤️❤️🤗🙏💖💖