इमारत लम्बी होती जा रही हैं, और इंसान की सोच छोटी

"इमारत लम्बी होती जा रही हैं, और इंसान की सोच छोटी होती जा रही हैं! सब कुछ पाने की लालसा में, सब कुछ खोता सा जा रहा है! आज इन्सान कितना छोटा होता जा रहा हैं, आराम कमाने के लिए आराम ही नहीं कर रहा हैं क्यों इन्सान इतनी जल्दी मैं होता जा रहा हैं।"

इमारत लम्बी होती जा रही हैं, 
और इंसान की सोच छोटी होती जा रही हैं! 
सब कुछ पाने की लालसा में, 
सब कुछ खोता सा जा रहा है!
आज इन्सान कितना छोटा होता जा रहा हैं, 
आराम कमाने के लिए आराम ही नहीं कर रहा हैं
क्यों इन्सान इतनी जल्दी मैं होता जा रहा हैं।

इमारत लम्बी होती जा रही हैं, और इंसान की सोच छोटी होती जा रही हैं! सब कुछ पाने की लालसा में, सब कुछ खोता सा जा रहा है! आज इन्सान कितना छोटा होता जा रहा हैं, आराम कमाने के लिए आराम ही नहीं कर रहा हैं क्यों इन्सान इतनी जल्दी मैं होता जा रहा हैं।

#इन्सान
किस बात की जल्दी हैं
क्यों भाग रहे हो

People who shared love close

More like this