Chandni

Chandni Lives in Delhi, Madhya Pradesh, India

शायरी,कविता, विचार लिखना अच्छा लगता है,, पढ़ने के लिए और मुझे सुनने के लिए फॉलो करें।। ""अपने अस्तित्व को खोज रही हूं,"" कौन हूं मैं, क्या मेरा अस्तित्व है, क्या मेरी पहचान है,, मेरा अस्तित्व ही मेरी पहचान है। , मैं मैं हूं.......❤️❤️❤️❤️❤️

  • Popular Stories
  • Latest Stories

"इस प्यार का अंदाज़ न जाने कैसा है, हम क्या बताये ये राज़ कैसा है, कौन कहता है आप चाँद जैसे हो, हम तो कहते हैं की चाँद खुद आप जैसा है।"

इस प्यार का अंदाज़ न जाने कैसा है, 
हम क्या बताये ये राज़ कैसा है, 
कौन कहता है आप चाँद जैसे हो, 
हम तो कहते हैं की चाँद खुद आप जैसा है।

#Love#Shayari

38 Love

"हर रोज़ हम कुछ सीखते है जिन्दगी में हमे बहुत कुछ सीखने को मिलता है दोस्तो से रिस्तेदारों से शिक्षकों से,,,आज मैंने सीखा की हमें समय की कीमत समझना चाहिए जो समय निकल गया वो लोट के नही आएगा इसलिए कोई भी काम समय रहते ही पूरा कर लेना चाहिए............. चाँदनी"

हर रोज़ हम कुछ सीखते है जिन्दगी में हमे बहुत कुछ सीखने को मिलता है दोस्तो से रिस्तेदारों से शिक्षकों से,,,आज मैंने सीखा की हमें समय की कीमत समझना चाहिए जो समय निकल गया वो लोट के नही आएगा इसलिए कोई भी काम समय रहते ही पूरा  कर लेना चाहिए.............

चाँदनी

आज आपने क्या सीखा???

36 Love
1 Share

"एक दीप तेरे नाम का ज्योति-पर्व है,ज्योति जलाएं, मन के तम को दूर भगाएं। दीप जलाएं सबके घर पर, जो नम आँखें उनके घर पर। हर मन में जब दीप जलेगा, तभी दिवाली पर्व मनेगा।"

एक दीप तेरे नाम का ज्योति-पर्व है,ज्योति जलाएं,
मन के तम को दूर भगाएं।

दीप जलाएं सबके घर पर,
जो नम आँखें उनके घर पर।

हर मन में जब दीप जलेगा,
तभी दिवाली पर्व मनेगा।

 

31 Love

"मेरे बचपन फिर से बचपन बेटी बन आया। उसकी मंजुल मूर्ति देखकर मुझ में नवजीवन आया॥ मैं भी उसके साथ खेलती खाती हूँ, तुतलाती हूँ। मिलकर उसके साथ स्वयं मैं भी बच्ची बन जाती हूँ॥ जिसे खोजती थी बरसों से अब जाकर उसको पाया। भाग गया था मुझे छोड़कर वह बचपन फिर से आया॥"

मेरे बचपन फिर से बचपन बेटी बन आया। 
उसकी मंजुल मूर्ति देखकर मुझ में नवजीवन आया॥ 

मैं भी उसके साथ खेलती खाती हूँ, तुतलाती हूँ। 
मिलकर उसके साथ स्वयं मैं भी बच्ची बन जाती हूँ॥ 

जिसे खोजती थी बरसों से अब जाकर उसको पाया। 
भाग गया था मुझे छोड़कर वह बचपन फिर से आया॥

#bachpan

30 Love

"खट्टी-मीठी ज़िंदगी चेहरे की हँसी से गम को भुला दो, कम बोलो पर सब कुछ बता दो, खुद ना रूठो पर सबको हँसा दो, यही राज है ज़िन्दगी का, जियो और जीना सिखा दो। .......................…...चाँदनी"

खट्टी-मीठी ज़िंदगी चेहरे की हँसी से गम को भुला दो, 
कम बोलो पर सब कुछ बता दो, 
खुद ना रूठो पर सबको हँसा दो, 
यही राज है ज़िन्दगी का, 
जियो और जीना सिखा दो।
.......................…...चाँदनी

#जिंदगी

24 Love