Ankita Sharma

Ankita Sharma Lives in Bilaspur, Himachal Pradesh, India

नाम एक दिन मे नहीं बनता लेकीन एक दिन जरूर बन जाता है..!jhd

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"थोड़ा जोर से बोलता हैं वो तभी उनसे कुछ बोल नही पाती मैं थोड़ा धीमा धीमा चलता हैं वो तभी कदम मिलाके चल नही पाती मैं थोड़ा ना समझ हैं वो तभी उसे समझा नही पाती मैं थोड़ा सा भी ,मेरे जैसा नही वो तभी तो उसके पास जा नही पाती मैं थोड़ा भी नही, ज्यादा भी नही बेहिसाब प्यार करता है वो पर उसके इजहार के तरीको से डर लगता हैं तभी तो सामने उसके जा नही पाती मैं"

थोड़ा जोर से बोलता हैं वो
तभी उनसे कुछ बोल नही पाती मैं

थोड़ा धीमा धीमा चलता हैं वो 
तभी कदम मिलाके चल नही पाती मैं

थोड़ा ना समझ हैं वो 
तभी उसे समझा नही पाती मैं 

थोड़ा सा भी ,मेरे जैसा नही वो
तभी तो उसके पास जा नही पाती मैं

थोड़ा भी नही, ज्यादा भी नही
बेहिसाब प्यार करता है वो
पर उसके इजहार के तरीको से डर लगता हैं
तभी तो सामने उसके जा नही पाती मैं

फर्क है उसमे आैर मुझमे #nojotoshimla #tourshimla

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"#DearZindagi मैं खुद पर बीती ,वो नहीं लिखती इश्क की बातें, खुद की नहीं लिखती दर्द खुद पे बीते वो ना लिखकर दर्द गैरों के लिखती हूं मैं कहानी अपनी ,डायरी अपनी तक रखती हूं सुनाती हूं जब लिखा nojoto पर, मां को वो कहानी मेरी समझ कर, उसका नाम पूछती है ना रहना यूं डरकर, तुम ख्वाब अपने सभी पूरे करना मां ये शब्द कहकर हर बार उठती है"

#DearZindagi मैं खुद पर बीती ,वो नहीं लिखती 
इश्क की बातें, खुद की नहीं लिखती 
दर्द खुद पे बीते वो ना लिखकर दर्द गैरों के लिखती हूं 
मैं कहानी अपनी ,डायरी अपनी तक रखती हूं 
सुनाती हूं जब लिखा nojoto पर, मां को
 वो कहानी मेरी समझ कर, उसका नाम पूछती है
ना रहना यूं डरकर, तुम ख्वाब अपने सभी पूरे करना
 मां ये शब्द कहकर हर बार उठती है

#zindgi #shilpasharma #Stories

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"उठ जाती हूं रातों को फिर चुपके से रो पड़ती हूं ख्वाब टूटा है मेरा dosto कोई आम बात नहीं"

उठ जाती हूं रातों को
 फिर चुपके से रो पड़ती हूं 
ख्वाब टूटा है मेरा dosto
कोई आम बात नहीं

 

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"ख़त वो महीनो इंतजार करना उनके खत का वो जवाब भेजना ,फिर उनके खत का ये सिलसिला बहुत प्यारा था दोस्तों"

ख़त वो महीनो इंतजार करना उनके खत का
वो जवाब भेजना ,फिर उनके खत का
 ये सिलसिला बहुत प्यारा था दोस्तों

 

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"कुछ बातें जो मैं बताना चाहती थी उसे पर बोल नही पाई आज भी शर्ट वही पहन के आया था जनाब जो पहली मुलाकात पर लाया था मैं तारीफ करना चाहती थी उसकी पर मैं कर नहीं पाई कुछ बातें थी जो बताना जरूरी थी पर दोस्तों की भीड़ में मैं जा ना पाई उसे उसके s.m.s. का मै जैसे उसने चाहा था रिप्लाई दे ना पाई ,,,उसका वो अचानक यूं मेरे पास बैठना धीरे से all the best कहना यारों कमाल का था अपनी वो सुना चुका था बिना सुने मेरी वो जा चुका था मुझे मेरे हाथों में कुछ थमा चुका था मैं उससे कुछ कह पाती वो पागल एग्जामिनेशन हॉल में जा चुका था"

कुछ बातें जो मैं बताना चाहती थी उसे
 पर बोल नही पाई
आज भी शर्ट वही पहन के आया था जनाब
जो पहली मुलाकात पर लाया था 
मैं तारीफ करना चाहती थी उसकी
 पर मैं कर नहीं पाई
कुछ बातें थी जो बताना जरूरी थी
 पर दोस्तों की भीड़ में मैं जा ना पाई 
उसे उसके s.m.s. का मै 
जैसे उसने चाहा था रिप्लाई  दे ना पाई
,,,उसका  वो अचानक यूं मेरे पास बैठना
 धीरे से all the best कहना
 यारों कमाल का था
अपनी वो सुना चुका था 
बिना सुने मेरी वो जा चुका था
 मुझे मेरे हाथों में कुछ थमा चुका था
 मैं उससे कुछ कह पाती
वो पागल एग्जामिनेशन हॉल में जा चुका था

 

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