PrAshant Kumar

PrAshant Kumar Lives in Bareilly, Uttar Pradesh, India

मैंने लिखना अपने अंत से शुरू किया । अब इसका अंत मेरे आरम्भ से होगा । BIKE RIDER INSTA- aryan_0625

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"तिनका सा मैं और समुंदर सा इश्क़ . . डूबने का डर और डूबना ही इश्क़ . ."

तिनका सा मैं और समुंदर सा इश्क़ . . डूबने का डर और डूबना ही इश्क़ . .

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"मुझे मज़हब से इश्क़ न हुआ बस उसकी इनायत पे दिल रख दिया , अल्लहा उसका था तो दीवाली पर भी मैंने उसके नाम का रोज़ा रख लिया ।"

मुझे मज़हब से इश्क़ न हुआ बस उसकी इनायत पे दिल रख दिया , अल्लहा उसका था तो दीवाली पर भी मैंने उसके नाम का रोज़ा रख लिया ।

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"मैंने अपनी आदत बिगाड़ रखी है । तुझसे बात कर सोने की आदत डाल रखी है । तू सजती संवरती तो कम ही है । फिर कानों में यह नई बालियां किसकी डाल रखी है । अदा होती है । लड़कियों की मुस्कुराते हुए रहने की । नए लड़को ने इसे इश्क़ समझने की गलती पाल रखी है । एक दफा जो घर से निकले वो घर कब जाता है । शहरों ने गावों की नीयत बिगाड़ रखी है । यूँ तो मैं भी कर सकता हूँ उसका बहुत बुरा । मगर मैंने भी अच्छे बने रहने की जिद्द ठान रखी है । एक रोज तो उसे भी होगा एहसास अपनी गलतियों का । यही सोच सोचकर मैंने अपनी जिंदगी बर्बाद कर रखी है । रोता हूँ तड़पता हूँ रोज मरता हूँ उसकी यादों में । मुझे जीना है किसने कहा मैंने उसके लिये मरने की ख्वाहिश ठान रखी है ।"

मैंने अपनी आदत बिगाड़ रखी है । तुझसे बात कर सोने की आदत डाल रखी है । तू सजती संवरती तो कम ही है । फिर कानों में यह नई बालियां किसकी डाल रखी है । अदा होती है । लड़कियों की मुस्कुराते हुए रहने की । नए लड़को ने इसे इश्क़ समझने की गलती पाल रखी है । एक दफा जो घर से निकले वो घर कब जाता है । शहरों ने गावों की नीयत बिगाड़ रखी है । यूँ तो मैं भी कर सकता हूँ उसका बहुत बुरा । मगर मैंने भी अच्छे बने रहने की जिद्द ठान रखी है । एक रोज तो उसे भी होगा एहसास अपनी गलतियों का । यही सोच सोचकर मैंने अपनी जिंदगी बर्बाद कर रखी है । रोता हूँ तड़पता हूँ रोज मरता हूँ उसकी यादों में । मुझे जीना है किसने कहा मैंने उसके लिये मरने की ख्वाहिश ठान रखी है ।

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"Sometimes I wish To be with you, To open my eyes in your arms, To water plants together & make each other wet by sprinkling water. To have breakfast cooked by you, To spend my whole day in your lap, To sleep uttering nonsense with you Sometimes, I wish all these little things to happen I wish it always. Sometimes... No! i wish it always."

Sometimes I wish To be with you, To open my eyes in your arms, To water plants together & make each other wet by sprinkling water. To have breakfast cooked by you, To spend my whole day in your lap, To sleep uttering nonsense with you Sometimes, I wish all these little things to happen I wish it always. Sometimes... No! i wish it always.

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"मुझको करनी है एक मुलाकात तुमसे ऐसे जहाँ में . . जहाँ मिलकर फिर बिछड़ने का कोई बन्दिश ए रिवाज ना हो . . ."

मुझको करनी है एक मुलाकात तुमसे ऐसे जहाँ में . . जहाँ मिलकर फिर बिछड़ने का कोई बन्दिश ए रिवाज ना हो . . .

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