Vaishali Thapa

Vaishali Thapa

an Incomplete writer मेरे पास एक कागज़ है और एक कलम भी। एक बवंडर है सोच का जो मेरे आसपास घूमता है। किसी के हाथ ना आने वाले उस बवंडर को मैं उस कागज़ में कैद कर लेती हूँ। check my poetry on Instagram vaishalithapa1234 please like and follow my facebook page https://www.facebook.com/शब्दों-से-यारी-1062225430652931/ अच्छा लगे तो होंसला बढ़ायेगा। क्योंकि एक लेखक एक पाठक के बिना कुछ भी नहीं है।

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"ये जो तेरे मेरे बीच आता है। जो हमारे दरमियाँ दूरी रखता है। वो कोई तीसरा शख्श नहीं है। ना समाज है, ना मौत, तेरे मेरे उन्स का कोई दुश्मन भी नहीं हमारे कुर्बत का कांटा तो एक ही है। वो है समझ... हां, कुछ तेरी समझ है कुछ मेरी कुछ तू समझदार है, कुछ मैं भी ये समझ एक दूसरे से जुदा है। दो समझदार लोगो में रिश्ता तो हो सकता है मगर उल्फत नहीं... प्यार कुछ नासमझी चाहता है।"

ये जो तेरे मेरे बीच आता है।
जो हमारे दरमियाँ दूरी रखता है।
वो कोई तीसरा शख्श नहीं है।
ना समाज है, ना मौत, 
 तेरे मेरे उन्स का कोई दुश्मन भी नहीं
हमारे कुर्बत का कांटा तो एक ही है।
वो है समझ...
हां, कुछ तेरी समझ है कुछ मेरी
कुछ तू समझदार है, कुछ मैं भी
ये समझ एक दूसरे से जुदा है।
दो समझदार लोगो में रिश्ता तो हो सकता है 
मगर उल्फत नहीं...
प्यार कुछ नासमझी चाहता है।

#Love #nojoto #Poetry #nojotohindi

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"किसी अंजान गली में, मुड़ने से रोका है सबने और एक दिन ऐसी ही किसी अंजान गली में घर बसाना है।"

किसी अंजान गली में, मुड़ने से रोका है सबने
और एक दिन ऐसी ही किसी अंजान गली में घर बसाना है।

#anjangali #ghar #nojoto #Quote

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"दफ्तरों की खिड़कियों में झांकता युवा तरक्की की अंधी दौड़ में भागता युवा आँखों में सपने है, कांधे में जिम्मेदारियां बेहतर भविष्य की चिंता में जागता युवा"

दफ्तरों की खिड़कियों में झांकता युवा
तरक्की की अंधी दौड़ में भागता युवा
आँखों में सपने है, कांधे में जिम्मेदारियां
बेहतर भविष्य की चिंता में जागता युवा

#YUVA #nojotohindi

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"कोई भी इंसान कभी अकेला नहीं होता है, वो हमेशा से ही अपने खयाली हमसफ़र के साथ रिश्ते में बंधा होता है।"

कोई भी इंसान कभी अकेला नहीं होता है, वो हमेशा से ही अपने खयाली हमसफ़र के साथ रिश्ते में बंधा होता है।

#nojotohindi

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"मैं लिखते-लिखते थक गई। वो पढ़ते-पढ़ते ऊब गए। कोई अस्तित्व नहीं मेरी कविता का कोई मोल नहीं मेरी रचना का सब व्यर्थ है। अगर ये कलम उस मासूम को ना बचा पाये उसे इन्साफ ना दिला पाये दरिंदो को इंसान ना बना पाए तो मेरा लिखना आपका आवाज़ उठाना सब व्यर्थ है।"

मैं लिखते-लिखते थक गई।
वो पढ़ते-पढ़ते ऊब गए।
कोई अस्तित्व नहीं मेरी कविता का
कोई मोल नहीं मेरी रचना का
सब व्यर्थ है।
अगर ये कलम 
उस मासूम को ना बचा पाये
उसे इन्साफ ना दिला पाये
दरिंदो को इंसान ना बना पाए
तो मेरा लिखना 
आपका आवाज़ उठाना
सब व्यर्थ है।

#savegirl
#nojotohindi
#Poetry

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