अग्नि

अग्नि Lives in Delhi, Delhi, India

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आज पहली बार किसीकी छुअन को महसूस किया मैंने,
सच बड़े कमाल का था वो एहसास जो महसूस किया मैंने,
एक पल को साँसे थम गई थी मेरी,
और दिल ज़ोरों से चिल्लाया था,
लगा जैसे दिल पर परमाणु बम का हमला हो गया हो,
और उससे छल्ली मेरा दिल घबराया हो,
जब तुमने मेरे हाथों को अपने हाथों में लिया,
ऐसा लगा कहीं मेरा दिल धड़क धड़क कर बाहर न आ जाए,
जब तुमने पहली बार मुझसे प्यार भरी वो बातें की थी,
शर्म से लाल हो गयी थी मैं,
और तुम मुझे देखकर बस मुस्कुराए जा रहे थे,
उस पल ख़ामोशी में तुम्हारी हँसी ठंडी हवा के झोंकों सी थी,
और में उन झोंकों में बहे जा रही थी......
#FirstLove

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#tumpglho

15 Love
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बड़े दिनों बाद खुले आसमां की ओर तसल्ली से देखा आज,
कहीं बर्फ़ से घिरी वादियाँ थी,
तो कहीं पानी में बहता जहाज़ बना था,
एक ऊँट भी बना था जो अभी अधूरा ही था,
फिर कुछ काले बादल आए और सबकुछ मिटा गए।

 

13 Love
वो फ़र्श पर बेसुध पड़ी थी, सर्दियों में ठण्डे फ़र्श पर यूँ लेट जाने में एक अजीब सी ख़ुशी मिलती थी उसे, दुपट्टा कब उसके गले से फ़िसल गया उसे पता ही नहीं चला। मैं वहीं दरवाज़े पर खड़ा था जब उसका दुपट्टा मेरे क़दमों में आया, एक बार सोचा कि बता दूँ उसे की मैं यहीं हूँ लेकिन फ़िर सोचा नहीं, वो इस पल को जी रही थी खोई थी, तभी तो दुपट्टे के यूँ फ़िसल जाने का भी एहसास नहीं हुआ उसे या शायद उसने चाहा ही नहीं एहसास करना। वो इस कमरे की चार दीवारों में आज़ाद महसूस कर रही थी शायद, हर लिहाज़ को वो इस कमरे के बाहर छोड़ कर आई थी, अपने पैरों को आधा खोले आधा बन्द किये तो कभी यूँ ही पैरों को फैला लेना जैसे कोई लाश पड़ी हो, जिसे शर्म और लिहाज़ का वो झूठा साफ़ा पहनने की अब कोई ज़रूरत नहीं है जो उसे ज़बरदस्ती परम्पराओं का हवाला देकर थोपा गया है। उसने करवट ली..दाएँ फिर बाएं मैं वहीं खड़ा था। मुझे देखते ही वो ऐसे घबरा कर उठी जैसे मैंने उसकी कोई चोरी पकड़ ली हो, हाँ.... चोरी ही तो की थी उसने, अपनी ही ज़िन्दगी से अपने लिए कुछ पल चुरा लिए थे उसने....

चोरी
वो फ़र्श पर बेसुध पड़ी थी, सर्दियों में ठण्डे फ़र्श पर यूँ लेट जाने में एक अजीब सी ख़ुशी मिलती थी उसे, दुपट्टा कब उसके गले से फ़िसल गया उसे पता ही नहीं चला। मैं वहीं दरवाज़े पर खड़ा था जब उसका दुपट्टा मेरे क़दमों में आया, एक बार सोचा कि बता दूँ उसे की मैं यहीं हूँ लेकिन फ़िर सोचा नहीं, वो इस पल को जी रही थी खोई थी, तभी तो दुपट्टे के यूँ फ़िसल जाने का भी एहसास नहीं हुआ उसे या शायद उसने चाहा ही नहीं एहसास करना। वो इस कमरे की चार दीवारों में आज़ाद महसूस कर रही थी शायद, हर लिहाज़ को वो इस कमरे के बाहर छोड़ कर आई थी, अपने पैरों को आधा खोले आधा बन्द किये तो कभी यूँ ही पैरों को फैला लेना जैसे कोई लाश पड़ी हो, जिसे शर्म और लिहाज़ का वो झूठा साफ़ा पहनने की अब कोई ज़रूरत नहीं है जो उसे ज़बरदस्ती परम्पराओं का हवाला देकर थोपा गया है। उसने करवट ली..दाएँ फिर बाएं मैं वहीं खड़ा था। मुझे देखते ही वो ऐसे घबरा कर उठी जैसे मैंने उसकी कोई चोरी पकड़ ली हो, हाँ.... चोरी ही तो की थी उसने, अपनी ही ज़िन्दगी से अपने लिए कुछ पल चुरा लिए थे उसने....

13 Love
वो काफ़ी दिन से उसे देख रहा था,
तसल्ली इस बात की थी, कि वो उसे देखकर अपने बाल संभाला करती थी दुप्पटा नहीं।

tasalli

#Nojotohindi
#Nojotoquote
#Nojoto
#Nojotohindiquote
#Dil
#Heart

13 Love