Kumar😊

Kumar😊 Lives in Alwar, Rajasthan, India

जब लफ्ज़ों को मेरे वो समझ ना सके, ख़ामोशी तब मुझे इख़्तियार करनी पड़ी!!

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"सभी ने आज बहुत अच्छा लिखा है, खुशी भी है इस बात की.... लेकिन ये सिर्फ आज के लिये ही है क्या.....???? कुछ अच्छे टिप्पणियों और अपने-अपने पद की प्रंशसा के लिये... क्योंकि मैंने यहाँ भी ऐसे शख्स देखे है, जो आज अच्छा लिख रहे है और कल वही लोग किसी ना किसी बहन/बेटी को यह परेशान करेंगे.... मैं यह नही कह रहा हूँ सब ऐसे है लेकिन जो है, वो क्योँ नहीँ बदलाव लाते है...? एक स्री जो खुद को कमजोर समझती है, वो क्यों समझती है...?? हम जैसो की वजह से ही ना... हमने उन्ही किसी से जन्म लिया... और हम उन्हें ही परेशान कर रहे है।। कितनी शर्मनाक बात है इस पुरुष प्रधान देश के लिये...."

सभी ने आज बहुत अच्छा लिखा है,
खुशी भी है इस बात की....
लेकिन ये सिर्फ आज के लिये ही है क्या.....????
कुछ अच्छे टिप्पणियों और 
अपने-अपने पद की प्रंशसा के लिये...
क्योंकि मैंने यहाँ भी ऐसे शख्स देखे है,
 जो आज अच्छा लिख रहे है और कल वही लोग किसी ना किसी बहन/बेटी को यह परेशान करेंगे....
मैं यह नही कह रहा हूँ सब ऐसे है लेकिन जो है,
वो क्योँ नहीँ बदलाव लाते है...?
एक स्री जो खुद को कमजोर समझती है,
 वो क्यों समझती है...??
हम जैसो की वजह से ही ना...
हमने उन्ही किसी से जन्म लिया...
और हम उन्हें ही परेशान कर रहे है।।
कितनी शर्मनाक बात है इस पुरुष प्रधान देश के लिये....

 

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"सलामत रहे वो फ़रिश्ते हमेशा, जिनसे हम है, और शख्सियत हमारी... खुद खुदा जहाँ पहुँच ना सके, कहते है उन्हें अम्मी जान हमारी 😍 😍 😍 😍"

सलामत रहे वो फ़रिश्ते हमेशा,
जिनसे हम है, और शख्सियत हमारी...
खुद खुदा जहाँ पहुँच ना सके,
कहते है उन्हें अम्मी जान हमारी
 😍 😍 😍 😍

#माँ

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""हाँ, मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से, क्योंकि तेरे बिन में पूरा भी नही," कहने को तो सब है यहाँ पर तेरे बिना कुछ भी तो नही, कुछ तो है अधूरा शायद तेरे बिन मैं पूरा भी नही, तेरे नाम के हर्फ़ इस कदर है जहन में के अब किसी और का होना मुमकिन नही, हाँ, मैं नहीं हूँ तेरे अजीजों में शामिल और तेरे लिये जरूरी भी नही, "हाँ, मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से, क्योंकि तेरे बिन में पूरा भी नही," तू चाहे ना कर बयाँ जुबाँ से कुछ मुझे, पर नजूमी तेरा मुझ-सा भी नही, और मैं कहता ये भी नहीं के ता-उम्र दूँगा साथ तुम्हारा क्योंकि, बदलता तो सब है यहाँ एक-सा रहता कुछ भी नहीँ, "हाँ मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से, क्योंकि तेरे बिन में पूरा भी नही," हाँ, शायद नही है यकीन मेरी बातों पर तुम्हें इतना भी इल्म है मुझे कहीं, पर तेरे यकीन ना करने से ये बातें तो अब टल भी सकती नहीँ, "हाँ, मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से...एक तुम ही हों जिसे में ये कह भी तो सकता नहीं" "हाँ, मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से, क्योंकि तेरे बिन में पूरा भी नही,""

"हाँ, मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से, क्योंकि तेरे बिन में पूरा भी नही,"

कहने को तो सब है यहाँ पर तेरे बिना कुछ भी तो नही,
कुछ तो है अधूरा शायद तेरे बिन मैं पूरा भी नही,

तेरे नाम के हर्फ़ इस कदर है जहन में के अब किसी और का होना मुमकिन नही,
हाँ, मैं नहीं हूँ तेरे अजीजों में शामिल और तेरे लिये जरूरी भी नही,

"हाँ, मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से, क्योंकि तेरे बिन में पूरा भी नही,"

तू चाहे ना कर बयाँ जुबाँ से कुछ मुझे, पर नजूमी तेरा मुझ-सा भी नही,
और मैं कहता ये भी नहीं के ता-उम्र दूँगा साथ तुम्हारा क्योंकि,
बदलता तो सब है यहाँ एक-सा रहता कुछ भी नहीँ,

"हाँ मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से, क्योंकि तेरे बिन में पूरा भी नही,"

हाँ, शायद नही है यकीन मेरी बातों पर तुम्हें इतना भी इल्म है मुझे कहीं,
पर तेरे यकीन ना करने से ये बातें तो अब टल भी सकती नहीँ,

"हाँ, मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से...एक तुम ही हों जिसे में ये कह भी तो सकता नहीं"
"हाँ, मैं डरता हूँ तुम्हें खोने से, क्योंकि तेरे बिन में पूरा भी नही,"

Shikha Sharma Tezmi_queen Pushpa D gokul indira #कवि #राहुल #पाल #nojotohindi #nojotonews #Milli

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"दिल ये नादाँ था जो शायद तुम्हें समझ सका, कर बैठा ख़ता अनजाने में तुम्हें अपना समझने की, तेरी बातो को तेरी यादों को अब खुद में ही संजो के बैठा है, ख़ता जो कि थी इसने सज़ा भी खुद को दे बैठा हैं, घर के जो गुलाब है मेरे उनमें तेरा अक्स देखा करता हैं, सुबह की सहर में शाम की अजान में अब तुम्हें ही सोचा करता है, कुछ तो है खूबियाँ तुम में तभी फ़ना होने को जी चाहता है, हाँ अब बस तेरे लिये ही जीने को जी चाहता है, कुछ थे खुद के ही भरम मेरे जिनसे आज पर्दा उठा है, ज्यादा तो नही थोड़ा ही सही पर दिल तो ये टूटा है, हसरतो के इस जहां में कुछ अधूरी सी ख्वाहिशे थे मेरी, हाँ अब तुम हो और तुम ही रहोगी बंदगी मेरी,"

दिल ये नादाँ था जो शायद तुम्हें समझ सका,
कर बैठा ख़ता अनजाने में तुम्हें अपना समझने की,

तेरी बातो को तेरी यादों को अब खुद में ही संजो के बैठा है,
ख़ता जो कि थी इसने सज़ा भी खुद को दे बैठा हैं,

घर के जो गुलाब है मेरे उनमें तेरा अक्स देखा करता हैं,
सुबह की सहर में शाम की अजान में अब तुम्हें ही सोचा करता है,

कुछ तो है खूबियाँ तुम में तभी फ़ना होने को जी चाहता है,
हाँ अब बस तेरे लिये ही जीने को जी चाहता है,

कुछ थे खुद के ही भरम मेरे जिनसे आज पर्दा उठा है,
ज्यादा तो नही थोड़ा ही सही पर दिल तो ये टूटा है,

हसरतो के इस जहां में कुछ अधूरी सी ख्वाहिशे थे मेरी,
हाँ अब तुम हो और तुम ही रहोगी बंदगी मेरी,

#nojotohindi #nojotonews
#अधूरी #टूटी #सी #ख्वाहिशे @gokul @Tezmi_queen @Pushpa D @Shikha Sharma @Akira Arsh #कवि #राहुल #पाल

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"हारा हुआ मुरझाया हुआ फूल हूँ अब, क्या फायदा साँसे चले या ना चले, तेरे लिये बे-फ़िज़ूल हूँ अब....."

हारा हुआ मुरझाया हुआ फूल हूँ अब,
क्या फायदा साँसे चले या ना चले,
तेरे लिये बे-फ़िज़ूल हूँ अब.....

 

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