Nasin Nishant

Nasin Nishant Lives in New Delhi, Delhi, India

ख़त लिख कर ख़ता कर दिया हाँ,ज़ख्म तेरा मैंने अता कर दिया।

https://www.google.com/search?q=nasin%20nishant

  • Popular Stories
  • Latest Stories

"तोहफे में दिल दिन है तो रात लिख दूँ क्या ? मेरे ज़ज्बात हैं ये, इसे तुम्हारे दिल की ज़ज्बात लिख दूँ क्या ? अरे तोहफे में तो दिल दिया था तुझे अब क्या ज़मीन-जायदात लिख दूँ क्या ?"

तोहफे में दिल दिन है तो रात लिख दूँ क्या ?
मेरे ज़ज्बात हैं ये,
इसे तुम्हारे दिल की ज़ज्बात लिख दूँ क्या ?
अरे तोहफे में तो दिल दिया था तुझे
अब क्या ज़मीन-जायदात लिख दूँ क्या ?

दिन है तो रात लिख दूँ क्या ?
मेरे जज्बात हैं ये,
इसे तुम्हारे दिल की ज़ज्बात लिख दूँ क्या ?
अरे तोहफे में तो दिल दिया था तुझे
अब क्या ज़मीन-जायदात लिख दूँ क्या ?

32 Love

"आखिरी फैसला मेरे असर में उनका असर है साहिब उनके लिए मेरी ये जान मुख़्तसर है साहिब उनका आखिरी फैसला इस कदर है साहिब कि मैं रिंद बना और उनके हाथ में कलम मयस्सर है साहिब । [मुख़्तसर-कम,रिंद-शराबी,मयस्सर-साथ]"

आखिरी फैसला  मेरे असर में उनका असर है साहिब
उनके लिए मेरी ये जान मुख़्तसर है साहिब
 उनका आखिरी फैसला इस कदर है साहिब कि
मैं रिंद बना और उनके हाथ में कलम मयस्सर है साहिब ।

[मुख़्तसर-कम,रिंद-शराबी,मयस्सर-साथ]

#HerLifeHerChoice
#lovequotes #Nojoto #nojotopoetry #nojotoshyari

18 Love

"तो लिखा कि अश्क बहाकर समंदर लिख दूँ क्या ? जो मेरे अंदर है वो सब तेरे अंदर लिख दूँ क्या ? इश्क तेरा अब शतरंज सा हो गया है बाज़ी हार कर मैं इसमें तुझे सिकंदर लिख दूँ क्या ?"

तो लिखा कि अश्क बहाकर समंदर लिख दूँ क्या ?
जो मेरे अंदर है वो सब तेरे अंदर लिख दूँ क्या ?
इश्क तेरा अब शतरंज सा हो गया है
बाज़ी हार कर मैं इसमें तुझे सिकंदर लिख दूँ क्या ?

तो लिखा कि अश्क बहाकर समंदर लिख दूँ क्या ?
जो मेरे दिल में है वो सब तेरे अंदर लिख दूँ क्या ?
इश्क तेरा अब शतरंज सा हो गया है
बाज़ी हार कर मैं इसमें तुझे सिकंदर लिख दूँ क्या ?
#TuJeetiToMaiTeraMaiJeetaToTuMeri

14 Love

"आज-कल सारी खुली हसरतें अब असरार हैं तो कमाल क्या है ? जो कल था वो आज-कल भी बेकरार है तो कमाल क्या है ? मेरी अज़मत बदली कुछ इस तरह कि अना के जो गुलाम थे अब वो दिल्लगी के शहरयार है तो कमाल क्या है ? [असरार-Secret,अना-Ego,शहरयार-King]"

आज-कल   सारी खुली हसरतें अब असरार हैं तो कमाल क्या है ?
जो कल था वो आज-कल भी बेकरार है तो कमाल क्या है ?
मेरी अज़मत बदली कुछ इस तरह कि
अना के जो गुलाम थे अब वो दिल्लगी के शहरयार है तो कमाल क्या है ?

[असरार-Secret,अना-Ego,शहरयार-King]

Getting changed from a person of immense ego to a person of diluted one and filled with bubbles of love,is a task of tougher ways. I did crack the way and here myself.
#ChangedNow

13 Love

"मुझे कहाँ अब कुछ-कुछ होता है ? ये इश्क है,अब सब-कुछ होता है ।"

मुझे कहाँ अब कुछ-कुछ होता है ?
ये इश्क है,अब सब-कुछ होता है ।

ये इश्क है साहब,अब सब-कुछ होता है...
#lovewins #LoveMeansPain #LoveHasHappiness #LoveIsFelt

13 Love