FAIZ 『A』LAM

FAIZ 『A』LAM Lives in Bhopal, Madhya Pradesh, India

Sensitive ,Deep and Pure © 回回回回回回回回回回回回回 We live dreams when words are supreme - Faiz Alam ꧁ I write in both E̜nglish and H̹indi जज्बातों का पिटारा हूं मै कुछ सुनने का बहाना भी हूं ढून्ढ न पाओ जिसके अन्त को उस नदी का किनारा भी हूं। 🙃 ◎━━━━━━◎━━━━━━◎ ◎━━━━━━◎━━━━━━◎

https://www.instagram.com/tender.souls/?hl=en

  • Popular
  • Latest
  • Repost
  • Video

""

"रोज़ रोज़ मिटते है, फिर भी ख़ाक न हुए दी बहुत सफाई सबके सामने लेकिन फिर भी किसी की नज़रों में पाक ना हुए लोगों को तो सिर्फ दाग़ ही दिखते हैं उनको क्या समझाएं जिन्हें समझाने के अल्फ़ाज़ ना हुए"

रोज़ रोज़ मिटते है, फिर भी ख़ाक न हुए दी बहुत सफाई सबके सामने लेकिन फिर भी किसी की नज़रों में पाक ना हुए

लोगों को तो सिर्फ दाग़ ही दिखते हैं
उनको क्या समझाएं जिन्हें समझाने के अल्फ़ाज़ ना हुए

#Roz_Roz_Mitte_Hai @Vineha™ @Vallika Poet

276 Love

""

"वक़्त घड़ी की सुईओं के साथ बीत रहा था, और एकाएक मुझे एहसास हुआ कि मै तो जी रहा था गलतफहमी में अबतक। शुक्रिया ए ज़िन्दगी मुझे एहसास दिलाने को, क्यों जी ना पाया मैं तूझे खातिर मुस्कुराने को... कई पल तो रो- रो के मैंने बिता दिए, हार मान के ज़िन्दगी से ,जीने के एक- एक पहलू मैंने भुला दिए... ये कैसी नासमझी थी , गर्दिश ए आलम था ना वक़्त ने मुझे कुछ बताया ,ना मुझे कुछ मालूम था... अब सिर्फ पछतावा है , आगे की मंज़िल धुंधली है चारों ओर सन्नाटा है बीता सकता था वक़्त को जब ज़िन्दगी बनाने में, मान के वक्त को रहबर अपना बनाया सिर्फ खुद का तमाशा है , अब सिर्फ निराशा है, सिर्फ निराशा है...."

वक़्त घड़ी की सुईओं के साथ बीत रहा था, और एकाएक मुझे एहसास हुआ कि मै तो जी रहा था गलतफहमी में अबतक।

शुक्रिया ए ज़िन्दगी मुझे एहसास दिलाने को,
क्यों जी ना पाया मैं तूझे खातिर मुस्कुराने को...
कई पल तो रो- रो के मैंने बिता दिए,
हार मान के ज़िन्दगी से ,जीने के एक- एक पहलू मैंने भुला दिए...
ये कैसी नासमझी थी , गर्दिश ए आलम था
ना वक़्त ने मुझे कुछ बताया ,ना मुझे कुछ मालूम था...
 अब सिर्फ पछतावा है , आगे की मंज़िल धुंधली  है 
चारों ओर सन्नाटा है
बीता सकता था वक़्त को जब ज़िन्दगी बनाने में,
मान के वक्त को रहबर अपना बनाया सिर्फ खुद का तमाशा है , अब सिर्फ निराशा है, सिर्फ निराशा है....

#Waqt #nojotohindi #nojoto #regret #Emotional #Introspection #Zindagi #hatasha #dukh @ARCHANA GUPTA @SN @Tarani Nayak(disha Indian). @priya saini @iBaDaT-e iShQ

257 Love
3 Share

""

"My sleepless nights are proved to be vital for me as they prevent me from seeing the nightmares :-) It helps me to utilize the unrestness of my mind in the time when most people are sleeping to create new ideas ... i don't regret now , as some annoying and tiresome thoughts turned my simple night into the most creative ones 😊"

My sleepless nights are proved to be vital for me
as they prevent me from seeing the nightmares  :-) 
It helps me to utilize  the unrestness of my mind in the time when most people are sleeping to create new ideas ...
i don't regret now , as some annoying and tiresome thoughts turned my simple night into the most creative ones 😊

#sleepless_nights #Heart_touching #Motivational #annoying #Strength #Amazing #Thoughts #nojoto #nojotonews #nojotoenglish @ARCHANA GUPTA @Arun verma @Azad ताहिर তাহীৰ @Ritika suryavanshi @Ruchika

242 Love

""

"मैं कहने ही वाला था, पर वो क्या वो सुनना चाहती थी? इसी ख्याल ने मेरे ज़ुबां पे एक ताला लगा दिया था। वैसे भी ज़िन्दगी में कहां हर चाही हुई चीज़ मिलती है खासकर तब जब आपके जीने का अंदाज़ सबको उबाऊ लगे जितना हसीन है आपका दिल उतना उनको दिखाई ना दे जनाब क्या बताएं इस दुनिया में दिखावे का ज़ोर है , दिखना चाहिए हो ना हो.. जो ना दिखा पाए तो क्या जज्बातों से समझौता कर लेंगे 🙂"

मैं कहने ही वाला था, पर वो  क्या वो सुनना चाहती थी? इसी ख्याल ने मेरे ज़ुबां पे एक ताला लगा दिया था।
वैसे भी ज़िन्दगी में कहां हर चाही हुई चीज़ मिलती है खासकर तब जब आपके जीने का अंदाज़ सबको उबाऊ लगे
जितना हसीन है आपका दिल उतना उनको दिखाई ना दे
जनाब क्या बताएं इस दुनिया में दिखावे का ज़ोर है , दिखना चाहिए हो ना हो..
जो ना दिखा पाए तो क्या जज्बातों से समझौता कर लेंगे 🙂

#Adhuri_baat
#Reality #Zindagi #Quote #SAD
#Emotions #Dard #kahani #nojoto #nojotohindi @Yogi Choudhari @Azad ताहिर তাহীৰ @Nimeet sarwta

236 Love

""

"गुनगुनाते थे वो मेरे दिल का साज़ बनकर, रौशन करते थे सल्तनत- ए - इश्क़ को मेरा ताज बनकर ये तो हैं बस पुरानी यादें ,सवाल - ए- दस्तूर तो है कि... ऐ खुदा जो थे ज़िंदगी में कल भी क्यों नहीं आते मेरा आज बनकर?"

गुनगुनाते थे वो मेरे दिल का साज़ बनकर,

रौशन करते थे सल्तनत- ए - इश्क़ को मेरा ताज बनकर

ये तो हैं बस पुरानी यादें ,सवाल - ए- दस्तूर तो है कि...
ऐ खुदा जो थे ज़िंदगी में कल भी क्यों नहीं आते मेरा आज बनकर?

#Love #Emotions #Question #nojotonews #nojotohindi #nojoto #यादें #Memories
#Wish @Thakur Jay Singh @Rahul Bhardwaj @HOLOCAUST @Amit Saini

218 Love