Abhijeet Yadav. TheBluntPoet

Abhijeet Yadav. TheBluntPoet Lives in Delhi, Delhi, India

किसी से पूछिएगा तो पता बतला देंगे सभी; कि, बड़ा बदनाम हूं मैं शहर के शरीफों में।

https://www.youtube.com/channel/UCn0qNmk_pWttWRTjFbEtJcA

  • Popular
  • Latest
  • Repost
  • Video

"मैं मुसलसल सिर्फ़ तुमको निहारता रहूं, तुमको जीतूं और खुद को हारता रहूं।। #NojotoQuote"

मैं मुसलसल सिर्फ़ तुमको निहारता रहूं,
तुमको जीतूं और खुद को हारता रहूं।। #NojotoQuote

 

297 Love
16 Share

"दिल के मौसम की ये रवानगी कैसी है बेहिसाब तुमसे ये दीवानगी कैसी है #NojotoQuote"

दिल के मौसम की ये रवानगी कैसी है
बेहिसाब तुमसे ये दीवानगी कैसी है
 #NojotoQuote

दिल के मौसम की ये रवानगी कैसी है
बेहिसाब तुमसे ये दीवानगी कैसी है

#Heart #Loveseason #Love #nojotoLove #दिल #मौसम #दीवानगी

260 Love
7 Share

" #NojotoVideo"

 #NojotoVideo

इक अरसा हुआ #nojotovideo #Love #sadness #Affection #Hindi #shayri

226 Love
2.95K Views
5 Share

"#WorldEnvironmentDay सपने जो समय की रेत में सूख चुके हैं । देखो तुम इनको जाया न करो , नाहक ही चिंता में गर है माद्दा तुममें, तो जीवंत करोअपने सपनों को फिर से देखना, रेतीली परत से नवअँकुर फूटेंगे फ़िर से, तुम्हारे सपनो की तरह क्योंकि, बीजों का धरती में विलीन हो जाना अंत नहीं, ये महज शुरुआत है आगामी विशालकाय वृक्ष का और हाँ, अन्त क्या है ? एक नई शुरुआत तो सूनो.... सपनों के मरने का मलाल तुम हरगिज न करो चलो फिर से तुम सपने देखो और उन सपनों को सच कर दिखाओ , पता है, सपने और हकीकत के बीच में चिंता ही महज एक छलावा है जो तुम्हे रोक रही है अंतरूपीशुरुआत से......"

#WorldEnvironmentDay सपने जो समय की रेत में सूख चुके हैं ।
देखो तुम इनको जाया न करो , नाहक ही चिंता में
गर है माद्दा तुममें,
तो जीवंत करोअपने सपनों को फिर से
देखना,
रेतीली परत से
नवअँकुर फूटेंगे फ़िर से,
तुम्हारे सपनो की तरह 
क्योंकि, 
बीजों का धरती में विलीन हो जाना अंत नहीं,
ये महज शुरुआत है आगामी विशालकाय वृक्ष का 
और हाँ,
अन्त क्या है ?
एक नई शुरुआत 
तो सूनो....
सपनों के मरने का मलाल तुम हरगिज न करो
चलो फिर से तुम सपने देखो
और उन सपनों को सच कर दिखाओ ,
पता है,
सपने और हकीकत के बीच में
चिंता ही महज एक छलावा है
जो तुम्हे रोक रही है
अंतरूपीशुरुआत से......

सपने जो समय की रेत में सूख चुके हैं ।
देखो तुम इनको जाया न करो , नाहक ही चिंता में
गर है माद्दा तुममें,
तो जीवंत करोअपने सपनों को फिर से
देखना,
रेतीली परत से
नवअँकुर फूटेंगे फ़िर से,
तुम्हारे सपनो की तरह

136 Love
2 Share

"जो तुम सोचो कि, बदल गया हूं मैं तो समझना कि, बदल गए हो तुम! ये वक़्त का खेल है या उम्र का तकाज़ा है कि, कुछ सम्भल गया हूं मैं और कुछ सम्भल गए हो तुम!!"

जो तुम सोचो कि, बदल गया हूं मैं
तो समझना कि, बदल गए हो तुम!
ये वक़्त का खेल है या उम्र का तकाज़ा है
कि, कुछ सम्भल गया हूं मैं और 
कुछ सम्भल गए हो तुम!!

#Change #Time #nojotohindi #instathought

111 Love
1 Share
×

More Like This