प्रियजीत प्रताप

प्रियजीत प्रताप Lives in Supaul, Bihar, India

घमंडी,पत्थरदिल,स्वार्थी जो कहना हो कह लीजिए।

  • Popular
  • Latest
  • Video

""

"हो सके तो मेरी खामोशियों को पढ़ना,वो मेरे अल्फाजों से अधिक असरदार होते हैं।"

हो सके तो मेरी खामोशियों को पढ़ना,वो मेरे अल्फाजों से अधिक असरदार होते हैं।

मैं और मेरी ख़ामोशी

55 Love

""

"सुबह जगा तो एक डर का माहौल था, किसी अपरिचित सा डर, हाथ-पैर सुन्न थे, गला रुंधा हुआ सा, बदन पसीने से तरबतर, होंठों में कम्पन्न सा लगा, वो कोई ख्वाब था भयानक सा, कोई परती जमीं थी, गहरी दरारें थीं, लाशें बिछी थी खेतों में, कुछ नरकंकाल बने पड़े थे, हरियाली का नामोनिशान ना था, ऊपर सूरज शीशे सा चमक रहा था, यों लगा जैसे आग बरस रही हो जमीं पर, पांव तप रहा था,गला सूखा पड़ा था, ढूंढा हर तरफ़ कहीं पानी न मिला, धूप से बचूं जो कहीं ठिकाना ना मिला, क्या करूँ-कहाँ जाऊं, सहसा नींद खुली तो बदन तरबतर था, इतना भयानक ये कैसा मंजर था, उठा मुंह धोया,पानी पीया कुछ देर उसी संस्मरण में खोया, लगा वो कोई ख़्वाब नहीं था, था आगाह कुदरत का, अब इंसान ना सम्भला तो वही होगा, जो सपने में दिखा सब सही होगा। -प्रियजीत✍ #NojotoQuote"

सुबह जगा तो एक डर का माहौल था,
किसी अपरिचित सा डर,
हाथ-पैर सुन्न थे,
गला रुंधा हुआ सा,
बदन पसीने से तरबतर,
होंठों में कम्पन्न सा लगा,
वो कोई ख्वाब था भयानक सा,
कोई परती जमीं थी,
गहरी दरारें थीं,
लाशें बिछी थी खेतों में,
कुछ नरकंकाल बने पड़े थे,
हरियाली का नामोनिशान ना था,
ऊपर सूरज शीशे सा चमक रहा था,
यों लगा जैसे आग बरस रही हो जमीं पर,
पांव तप रहा था,गला सूखा पड़ा था,
ढूंढा हर तरफ़ कहीं पानी न मिला,
धूप से बचूं जो कहीं ठिकाना ना मिला,
क्या करूँ-कहाँ जाऊं,
सहसा नींद खुली तो बदन तरबतर था,
इतना भयानक ये कैसा मंजर था,
उठा मुंह धोया,पानी पीया
कुछ देर उसी संस्मरण में खोया,
लगा वो कोई ख़्वाब नहीं था,
था आगाह कुदरत का,
अब इंसान ना सम्भला तो वही होगा,
जो सपने में दिखा सब सही होगा।
           -प्रियजीत✍ #NojotoQuote

#nojotohindi
वक्त है..सम्भलने का..

30 Love

 

25 Love

बेटे भी बड़े होते हैं..

इच्छाएँ उसकी समझौतों में बदल जाते हैं..
बेपरवाह बचपन समझदारी की बोझ में दब जाते हैं...
सपने खुद के पूरे ना हो भले..
परिवार के लिए जीना सीख जाते हैं..
तब शायद बेटे बड़े हो जाते हैं।

18 Love

ईद मुबारक #NojotoPhoto

14 Love