Govind....

Govind....

 

  • Popular
  • Latest
  • Repost
  • Video

""

"मौत से नफरत भी नही है हां जिन्दगी से प्यार भी है मुझे सब कुछ खत्म हो सकता है,एक पल मे मगर अभी जिन्दगी पे ऐतबार भी है मुझे। RajP..."

मौत से नफरत भी नही है
      हां जिन्दगी से प्यार भी है मुझे
       सब कुछ खत्म हो सकता है,एक पल मे 
        मगर अभी जिन्दगी पे ऐतबार भी है मुझे।
RajP...

परेशान जिन्दगी.....

35 Love

""

"आईना भी जिसकी छवि को छोङ ना सके ऐसी छवि है वो। छांव भी उनकी धूप को तरशे ऐसे रवि है वो। आंसमा चाह रहा है उनके जैसी जमीन पर बरसना ऐसी जमीन है । कलम भी चाहती है उनके अल्फाज़ को कविता में पिरोना ऐसे कवि है वो।। Dr.Bhimrav Ambedkar Jayanti 14 april 2020 RajP.."

आईना भी जिसकी छवि को छोङ ना सके 
ऐसी छवि है वो।
छांव भी उनकी धूप को तरशे
ऐसे रवि है वो।
आंसमा चाह रहा है उनके जैसी जमीन पर बरसना 
ऐसी जमीन है ।
कलम भी चाहती है उनके अल्फाज़ को कविता में पिरोना
ऐसे कवि है वो।।
Dr.Bhimrav Ambedkar Jayanti 
14 april 2020
RajP..

#Hum_bhartiya_hain
Rajp.......
@Ajpatir ...✍✍Writer

29 Love
2 Share

""

"वो मजबूर है तभी तो मजदूर है नौकरी पैसे उसे भी मंजूर है मगर दो वक्त की रोटी जुड़ जाए इसलिए तो मजदूरी का चढ़ा नूर है कुछ मेहनत कर हासिल करेगा सपना देखा इसने भी जरूर है वो मजबूर है तभी तो मजदूर है ✍गोविंद पटीर ✍"

वो मजबूर है तभी तो मजदूर है
नौकरी पैसे उसे भी मंजूर है 
मगर दो वक्त की रोटी जुड़ जाए
इसलिए तो मजदूरी का चढ़ा नूर है
कुछ मेहनत कर हासिल करेगा 
सपना देखा इसने भी जरूर है
वो मजबूर है तभी तो मजदूर है
✍गोविंद पटीर ✍

वो मजबूर है तबी तो मजदूर है
नौकरी पैसे उसे भी मंजूर है मगर
दो वक्त की रोटी जुड़ जाए
इसलिए तो मजदूरी का चढ़ा नूर है
कुछ मेहनत कर हासिल करेगा
सपना देखा इसने भी जरूर है
वो मजबूर है तबी तो मजदूर है

29 Love
1 Share

""

"आखिर जीत किसकी हुई ? आज की दूनिया में - खो रहे है एक से बढकर एक नए चेहरे दूल्हो के सिरो पर बंधे नए सेहरे कहीं गीत खुशियों के गाते है तो कहीं गम भरी जगी राते है। कौन,किससे परखे किसकी ताकत? घमंड हुआ जिन्दा मिट्टी को जिंदा मिट्टी ही आखिर मिट्टी हुई। इस गुमराहँ दूनिया मे आखिर जीत किसकी हुई?  आज की दूनिया में -  जानलेवा चीज़ों को बना लिया दिवाना  देख प्रलय प्रकृति का डर गया जमाना  कहीं मुसीबते जिन्दगी का शिकार कर रही है  तो कहीं दूनिया जिन्दगी का व्यापार कर रही है।  जिन्दगी का किसने,कितना किया मौल-भाव ?  बेजुबान जिन्दगी नीलाम होने को मज़बूर  मासूम जिन्दगियां ही आखिर नीलाम हुईं।  इस गुमराहँ दुनिया में  आखिर जीत किसकी हुई?  ✍✍गोविंद पटीर...                                                                                              "

आखिर जीत किसकी हुई ?

आज की दूनिया में -
खो रहे है एक से बढकर एक नए चेहरे
दूल्हो के सिरो पर बंधे नए सेहरे
कहीं गीत खुशियों के गाते है
तो कहीं गम भरी जगी राते है।
कौन,किससे परखे किसकी ताकत?
घमंड हुआ जिन्दा मिट्टी को
जिंदा मिट्टी ही आखिर मिट्टी हुई।
इस गुमराहँ दूनिया मे
आखिर जीत किसकी हुई?

 आज की दूनिया में -
 जानलेवा चीज़ों को बना लिया दिवाना
 देख प्रलय प्रकृति का डर गया जमाना
 कहीं मुसीबते जिन्दगी का शिकार कर रही है
 तो कहीं दूनिया जिन्दगी का व्यापार कर रही है।
 जिन्दगी का किसने,कितना किया मौल-भाव ?
 बेजुबान जिन्दगी नीलाम होने को मज़बूर
 मासूम जिन्दगियां ही आखिर नीलाम हुईं।
 इस गुमराहँ दुनिया में
 आखिर जीत किसकी हुई?

 ✍✍गोविंद पटीर...
 
 
 
 
                             
                             
                           

#world

29 Love
1 Share

""

"मेरा शुक्राना आज रूठी जिन्दगी को मेरा शुक्राना हुआ पंरिदो के साथ मेरा आब-ओ-दाना हुआ धङकनो ने मेरी अब खुद धङकना सिख लिया और दिल मेरा बिल्कुल आईना हुआ☺☺ आज रूठी जिन्दगी  को मेरा शुक्राना हुआ। कभी हीर के लिए आशिक रांझा हुआ तो कभी शमा के लिए परवाना हुआ इश्क मैने भी गहराई से किया था और इश्क मेरा भी सूफियाना हुआ☺☺ आज रूठी जिन्दगी  को मेरा शुक्राना हुआ। वफा मिले कही गुजरे जमाना हुआ पुराना पता इनका बहुत पुराना हुआ☺☺ मेरी आँखो का समुद्र अब सुख गया इस कदर कि गिरे आँसू जबरदस्ती पलकों का झपकाना हुआ आज रूठी जिन्दगी  को मेरा शुक्राना हुआ। जब पल आखिरी जिंदगी का जाना हुआ अल्लाह का  नाता जोड़ने साथ मेरे आना हुआ जिंदगी का सूरज डूबने ही चला था☺☺ कि मेरी भी जिंदगी का एक फसाना हुआ आज रूठी जिन्दगी  को मेरा शुक्राना हुआ।                            गोविंद पटीर....✍✍✍"

मेरा शुक्राना

आज रूठी जिन्दगी को मेरा शुक्राना हुआ
पंरिदो के साथ मेरा आब-ओ-दाना हुआ
धङकनो ने मेरी अब खुद धङकना सिख लिया
और दिल मेरा बिल्कुल आईना हुआ☺☺

आज रूठी जिन्दगी  को मेरा शुक्राना हुआ।

कभी हीर के लिए आशिक रांझा हुआ
तो कभी शमा के लिए परवाना हुआ
इश्क मैने भी गहराई से किया था
और इश्क मेरा भी सूफियाना हुआ☺☺

आज रूठी जिन्दगी  को मेरा शुक्राना हुआ।

वफा मिले कही गुजरे जमाना हुआ
पुराना पता इनका बहुत पुराना हुआ☺☺
मेरी आँखो का समुद्र अब सुख गया इस कदर 
कि गिरे आँसू जबरदस्ती पलकों का झपकाना हुआ

आज रूठी जिन्दगी  को मेरा शुक्राना हुआ।

जब पल आखिरी जिंदगी का जाना हुआ
अल्लाह का  नाता जोड़ने साथ मेरे आना हुआ
जिंदगी का सूरज डूबने ही चला था☺☺
कि मेरी भी जिंदगी का एक फसाना हुआ

आज रूठी जिन्दगी  को मेरा शुक्राना हुआ।

                           गोविंद पटीर....✍✍✍

#Life

28 Love
2 Share