Praveen Kumar

Praveen Kumar Lives in Gwalior, Madhya Pradesh, India

Open minded, altruistic,observer, inquisitive, egalitarian

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"सच हम झूठ कहते गये, लोग सहते गए। हमने सच जो कहा, लोग खफ़ा हो गए। कहें तो क्या कहें यहां, झूठे नफा होते गए। सच्चे तन्हा रह गए।"

सच हम झूठ कहते गये,
लोग सहते गए।
हमने सच जो कहा,
लोग खफ़ा हो गए।
कहें तो क्या कहें यहां,
झूठे नफा होते गए।
सच्चे तन्हा रह गए।

#सच

19 Love

"हिंदी दिवस निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल। अंग्रेजी पढ़ि के जदपि, सब गुन होत प्रवीन पै निज भाषा-ज्ञान बिन, रहत हीन के हीन। -भारतेन्दु हरिश्चन्द्र।"

हिंदी दिवस   निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।

अंग्रेजी पढ़ि के जदपि, सब गुन होत प्रवीन
पै निज भाषा-ज्ञान बिन, रहत हीन के हीन।
                         -भारतेन्दु हरिश्चन्द्र।

#हिंदीदिवस
14 सितम्बर

16 Love

"Happy Janmashtami हे कृष्णा देखो फिर जन्माष्टमी आई है      माखन की हांडी ने फिर मिठास बढ़ाई है     कान्हा की लीला है सबसे प्यारी वो दे तुम्हे दुनिया भर की खुशियां सारी कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।"

Happy Janmashtami हे कृष्णा देखो फिर जन्माष्टमी आई है    
  माखन की हांडी ने फिर मिठास बढ़ाई है
     कान्हा की लीला है सबसे प्यारी
 वो दे तुम्हे दुनिया भर की खुशियां सारी 

कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

 

12 Love

"जब मैं हायर सेकंडरी में था तब मैं और मेरे कुछ मित्र रात को 11 बजे होस्टल की बाउंड्री कूद कर बाहर घूमने और खाना खाने के लिए जाते थे। वो शरारत शायद ही मैं कभी भूल पाऊँ उसके साथ मेरे दोस्तों और स्कूल की यादें जुड़ी हुईं हैं।"

जब मैं हायर सेकंडरी में था तब मैं और मेरे कुछ मित्र रात को 11 बजे होस्टल की बाउंड्री कूद कर बाहर घूमने और खाना खाने के लिए जाते थे। वो शरारत शायद ही मैं कभी भूल पाऊँ उसके साथ मेरे दोस्तों और स्कूल की यादें जुड़ी हुईं हैं।

#shararat
#nojotohindi

11 Love

#ghajal
#aftab muztar

poet-Aftab muztar

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